मानसून आने से पहले खेत में कर लें ये 5 जरूरी काम, नहीं तो बारिश के बाद हो सकता है नुकसान

मानसून आने से पहले खेत में कर लें ये 5 जरूरी काम, नहीं तो बारिश के बाद हो सकता है नुकसान
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Kisaan Helpline

Agriculture
Jun 02, 2026

किसान भाइयों, पहली बारिश का इंतजार करने से पहले खेत की तैयारी पर दें ध्यान


हर
किसान चाहता है कि खरीफ सीजन की शुरुआत अच्छी हो और फसल खेत में आते ही तेजी से बढ़े। लेकिन कई बार किसान बारिश का इंतजार तो करते हैं, पर खेत की तैयारी समय पर नहीं कर पाते। इसका असर बाद में उत्पादन और मुनाफे दोनों पर दिखाई देता है।

 

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून आने से पहले कुछ जरूरी तैयारियां कर ली जाएं तो फसल की शुरुआती बढ़वार बेहतर होती है, मिट्टी की ताकत बढ़ती है और बारिश से होने वाले कई नुकसान भी कम किए जा सकते हैं।

 

अगर आप खरीफ सीजन में सोयाबीन, धान, मक्का, मूंगफली या अन्य फसलों की खेती करने जा रहे हैं, तो ये 5 काम जरूर कर लें।

 

1. खेत की गहरी जुताई करें, कीट और खरपतवार से मिलेगी राहत

 

मानसून से पहले की गई गहरी जुताई खेत के लिए किसी इलाज से कम नहीं मानी जाती।

जब खेत की मिट्टी पलटती है, तो जमीन के अंदर छिपे कई कीट, रोग पैदा करने वाले जीव और खरपतवार के बीज तेज धूप के संपर्क में जाते हैं। इससे उनका प्रभाव काफी हद तक कम हो सकता है।

 

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जुताई के बाद खेत को कुछ दिनों तक खुला छोड़ना भी फायदेमंद रहता है।

 

2. मेड़ मजबूत करें, नहीं तो बारिश बहा ले जाएगी उपजाऊ मिट्टी

 

कई बार किसान अच्छी खेती करते हैं, लेकिन तेज बारिश के दौरान खेत की मिट्टी और पोषक तत्व बह जाते हैं।

इससे बचने के लिए खेत की मेड़ों को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

जहां ज्यादा पानी भरने की संभावना हो, वहां पहले से नालियां बनाकर जल निकासी की व्यवस्था कर लेनी चाहिए। इससे फसल की जड़ों को नुकसान नहीं पहुंचता और खेत सुरक्षित रहता है।

 

3. मिट्टी की जांच कर लें, अंदाजे से खाद डालना बंद करें

 

आज भी कई किसान बिना मिट्टी परीक्षण के खाद डालते हैं। लेकिन हर खेत की जरूरत अलग होती है। मिट्टी की जांच से पता चलता है कि खेत में कौन-से पोषक तत्व कम हैं और कौन-सी खाद की जरूरत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मिट्टी परीक्षण के आधार पर खाद डालने से लागत कम होती है और उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है।

 

साथ ही खेत में गोबर की सड़ी हुई खाद या जैविक खाद का उपयोग करने से मिट्टी की गुणवत्ता और नमी धारण क्षमता बेहतर होती है।

 

4. बीज और नर्सरी की तैयारी पहले ही कर लें

 

धान किसानों के लिए यह समय नर्सरी की योजना बनाने का होता है।

नर्सरी ऐसी जगह तैयार करनी चाहिए जहां पानी की उपलब्धता भी हो और अतिरिक्त पानी निकालने की सुविधा भी। साथ ही खरीफ फसलों के लिए क्षेत्र और मौसम के अनुसार उन्नत एवं प्रमाणित बीजों का चयन करना बेहद जरूरी है।

अच्छा बीज ही अच्छी फसल की पहली गारंटी माना जाता है।

 

5. रोग और कीटों से बचाव की तैयारी अभी से करें

 

बारिश शुरू होते ही खेतों में नमी बढ़ जाती है और इसी के साथ कई प्रकार के कीट और रोग भी सक्रिय हो जाते हैं।

 

फफूंद, वायरस और कीटों का हमला कई बार शुरुआती अवस्था में ही फसल को कमजोर कर देता है।

 

इसलिए किसानों को नियमित निगरानी की योजना बनानी चाहिए और जरूरत पड़ने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह से जैविक या उचित दवाओं की व्यवस्था पहले से रखनी चाहिए।

 

क्यों जरूरी है बारिश से पहले तैयारी?

 

मानसून के दौरान खेत में काम का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में जो किसान पहले से तैयारी कर लेते हैं, उन्हें जल्दबाजी में फैसले नहीं लेने पड़ते।

 

सही तैयारी से बुवाई समय पर होती है, पौधों की शुरुआती बढ़वार अच्छी रहती है और उत्पादन बढ़ने की संभावना भी मजबूत होती है।

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किसानों के लिए जरूरी सलाह

 

बारिश शुरू होने का इंतजार जरूर करें, लेकिन तैयारी के लिए बारिश का इंतजार मत कीजिए।

 

खेत की जुताई, मेड़बंदी, मिट्टी परीक्षण, बीज चयन और रोग प्रबंधन जैसी तैयारियां अभी से शुरू कर दें। यही छोटी-छोटी बातें आगे चलकर अच्छी पैदावार और ज्यादा मुनाफे की वजह बन सकती हैं।

 

याद रखें, खरीफ की सफल खेती की शुरुआत खेत में बीज डालने से नहीं, बल्कि समय पर की गई तैयारी से होती है।

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