बारिश का मौसम सिर्फ ठंडक और हरियाली ही नहीं लाता, बल्कि नए पौधे लगाने का सबसे अच्छा समय भी माना जाता है। इस दौरान मिट्टी में पर्याप्त नमी रहती है, जिससे पौधों की जड़ें जल्दी फैलती हैं और उनका विकास बेहतर होता है। लेकिन कई बार किसान और बागवानी करने वाले लोग जल्दबाजी या छोटी-छोटी गलतियों की वजह से अच्छे पौधे भी खो देते हैं।
अगर आप भी इस बरसात अपने खेत, बगीचे या घर के आसपास नए पौधे लगाने की तैयारी कर रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सही तरीका अपनाने से पौधे जल्दी बढ़ेंगे, मजबूत बनेंगे और लंबे समय तक स्वस्थ रहेंगे।
1. हमेशा भरोसेमंद नर्सरी से ही खरीदें पौधे
अच्छे पौधे से ही अच्छी शुरुआत होती है। इसलिए पौधे हमेशा सरकारी उद्यान विभाग, वन विभाग या किसी पंजीकृत और विश्वसनीय नर्सरी से ही खरीदें।
पौधा लेते समय यह जरूर देखें:
● तना मजबूत हो।
● जड़ें अच्छी तरह विकसित हों।
● पत्तियों पर किसी बीमारी, फफूंदी या कीट का असर न हो।
स्वस्थ पौधा जल्दी बढ़ता है और उसके खराब होने की संभावना भी कम रहती है।
2. गड्ढे की तैयारी पहले से करें
पौधा लगाने से पहले गड्ढा सही आकार का तैयार करें।
निकाली गई मिट्टी में:
● बराबर मात्रा में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाएं।
● थोड़ी बालू मिलाएं।
● यदि संभव हो तो थोड़ी मात्रा में फफूंद रोकने वाली दवा भी मिला दें।
इससे पौधे की जड़ों को शुरुआती दिनों में पोषण मिलेगा और बीमारियों का खतरा भी कम होगा।
3. रोपाई करते समय जल्दबाजी न करें
जब अच्छी बारिश हो जाए और मिट्टी में पर्याप्त नमी हो, तभी पौधे की रोपाई करें।
● नर्सरी की पॉलिथीन धीरे-धीरे हटाएं ताकि जड़ों के साथ लगी मिट्टी न टूटे।
● पौधे को गड्ढे के बीच में सीधा रखें।
● जड़ों को मिट्टी की सतह से लगभग 2 से 3 इंच नीचे रखें।
● मिट्टी भरने के बाद हल्के हाथों से दबाएं, बहुत ज्यादा दबाव न डालें।
4. पानी का जमाव बिल्कुल न होने दें
बारिश का पानी पौधों के लिए फायदेमंद है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी नुकसान भी पहुंचा सकता है।
यदि खेत, बगीचे या गमले में पानी जमा हो रहा है, तो तुरंत निकासी की व्यवस्था करें। लंबे समय तक जड़ों के पास पानी रुका रहने से जड़ें सड़ सकती हैं और पौधा धीरे-धीरे सूख सकता है।
5. निराई-गुड़ाई और मल्चिंग जरूर करें
पौधा लगाने के बाद उसके आसपास उगने वाली घास और खरपतवार को समय-समय पर हटाते रहें। ये पौधे का पोषण और नमी दोनों छीन लेते हैं।
साथ ही पौधे के चारों ओर:
● सूखी घास।
● पत्तियां।
● भूसा।
बिछा दें। इसे मल्चिंग कहा जाता है। इससे मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है, खरपतवार कम उगते हैं और जड़ों को सुरक्षा मिलती है।
कृषि विशेषज्ञ की सलाह
बरसात का मौसम पौधे लगाने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है, लेकिन सही देखभाल उतनी ही जरूरी है। यदि पौधा स्वस्थ हो, गड्ढा सही तैयार किया गया हो, पानी की निकासी अच्छी हो और समय-समय पर सफाई होती रहे, तो पौधे तेजी से बढ़ते हैं और आने वाले वर्षों तक अच्छी छाया, फल और हरियाली देते हैं।
याद रखें, पौधा लगाना आसान है, लेकिन उसे सही तरीके से संभालना ही उसकी असली सफलता है।
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