सावन का महीना सिर्फ हरियाली का नहीं, बल्कि घर में प्राकृतिक औषधियों का छोटा-सा खजाना तैयार करने का भी सबसे बेहतरीन समय माना जाता है। अगर आप अपनी बालकनी, छत या आंगन को खूबसूरत बनाने के साथ ऐसे पौधे लगाना चाहते हैं जो रोजमर्रा की छोटी-मोटी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में भी काम आएं, तो यह मौसम आपके लिए सुनहरा अवसर है।
बारिश के मौसम में नमी और अनुकूल तापमान के कारण कई औषधीय पौधे तेजी से बढ़ते हैं। यही वजह है कि कृषि एवं बागवानी विशेषज्ञ भी जुलाई और सावन के दौरान इन पौधों की रोपाई की सलाह देते हैं। अच्छी बात यह है कि इन पौधों को कम जगह और साधारण गमलों में भी आसानी से उगाया जा सकता है।
सावन में जरूर लगाएं ये 5 औषधीय पौधे
1. तुलसी – हर घर की प्राकृतिक औषधि
तुलसी भारतीय घरों का सबसे लोकप्रिय औषधीय पौधा है। इसकी पत्तियां चाय, काढ़ा और घरेलू नुस्खों में लंबे समय से उपयोग की जाती रही हैं। लगभग 40 से 50 दिनों में इसकी पत्तियां उपयोग के लिए तैयार हो जाती हैं। नियमित देखभाल के साथ यह पौधा लंबे समय तक हरा-भरा रहता है।
2. पुदीना – तेजी से बढ़ने वाला हर्ब
अगर आप कम समय में तैयार होने वाला पौधा चाहते हैं, तो पुदीना बेहतरीन विकल्प है। इसकी एक छोटी-सी टहनी से नया पौधा तैयार किया जा सकता है। बारिश के मौसम में यह तेजी से फैलता है और लगभग एक महीने में पहली कटाई के लिए तैयार हो जाता है। इसका उपयोग चटनी, पेय पदार्थ और घरेलू उपयोग में खूब किया जाता है।
3. अजवाइन – खुशबू भी, उपयोग भी
अजवाइन का पौधा अपनी सुगंधित पत्तियों के कारण खास पहचान रखता है। मानसून में इसकी कटिंग आसानी से लग जाती है और कुछ ही हफ्तों में पौधा अच्छी तरह विकसित होने लगता है। इसकी पत्तियां कई घरेलू व्यंजनों में भी इस्तेमाल की जाती हैं।
4. अश्वगंधा – लंबे समय का लाभ देने वाला पौधा
अगर आप धैर्य रख सकते हैं तो अश्वगंधा आपके गार्डन के लिए शानदार विकल्प हो सकता है। जुलाई में इसके बीज बोने पर लगभग 5 से 6 महीने में इसकी जड़ें तैयार हो जाती हैं। आयुर्वेद में इसे महत्वपूर्ण औषधीय पौधों में गिना जाता है।
5. पत्थरचट्टा – बेहद आसान देखभाल वाला पौधा
पत्थरचट्टा उन लोगों के लिए आदर्श है जो कम मेहनत में पौधे उगाना चाहते हैं। इसकी खासियत है कि केवल एक पत्ती से नया पौधा तैयार हो जाता है। लगभग 60 से 70 दिनों में यह अच्छी तरह विकसित हो जाता है और बालकनी की सुंदरता भी बढ़ाता है।
गमले की मिट्टी कैसे करें तैयार?
औषधीय पौधों की अच्छी बढ़वार के लिए सही मिट्टी का मिश्रण बेहद जरूरी है।
● 50 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी
● 30 प्रतिशत अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट
● 20 प्रतिशत नदी की रेत
गमले में उचित ड्रेनेज होल जरूर रखें ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से निकल सके और जड़ें सड़ने से बची रहें।
अच्छी ग्रोथ के लिए रखें इन बातों का ध्यान
● सभी पौधों को रोजाना 4 से 5 घंटे सुबह की धूप जरूर मिले।
● पुदीना और अजवाइन को चौड़े मुंह वाले गमले में लगाएं।
● अश्वगंधा के लिए गहरा गमला चुनें।
● पानी तभी दें जब गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी महसूस हो।
● बरसात में जलभराव से बचाएं, क्योंकि अधिक नमी पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है।
किसानों और बागवानी प्रेमियों के लिए क्यों है खास?
आज के समय में कई किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ औषधीय पौधों और किचन गार्डन की ओर भी रुख कर रहे हैं। इन पौधों को घर, फार्महाउस या खेत के किनारे आसानी से उगाया जा सकता है। इससे परिवार को ताजी हरी पत्तियां मिलती हैं, घर की सुंदरता बढ़ती है और प्राकृतिक हरियाली का आनंद भी मिलता है।
अगर आप इस सावन अपनी बालकनी, छत या आंगन को सिर्फ खूबसूरत ही नहीं बल्कि उपयोगी भी बनाना चाहते हैं, तो तुलसी, पुदीना, अजवाइन, अश्वगंधा और पत्थरचट्टा जैसे औषधीय पौधे बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। थोड़ी-सी देखभाल और सही गमले के चुनाव से आप अपने घर में एक छोटा-सा 'ग्रीन मेडिसिन गार्डन' तैयार कर सकते हैं, जो हरियाली के साथ प्राकृतिक जीवनशैली को भी बढ़ावा देगा।
नोट: इन पौधों के पारंपरिक औषधीय उपयोग लंबे समय से प्रचलित हैं, लेकिन किसी भी बीमारी के उपचार के लिए इनका उपयोग करने से पहले योग्य चिकित्सक या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
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