सोयाबीन किसानों के लिए बड़ी सलाह: बुवाई से खरपतवार और तना मक्खी नियंत्रण तक जारी हुई नई एडवाइजरी, इन गलतियों से बचें

सोयाबीन किसानों के लिए बड़ी सलाह: बुवाई से खरपतवार और तना मक्खी नियंत्रण तक जारी हुई नई एडवाइजरी, इन गलतियों से बचें
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Kisaan Helpline

Crops
Jul 07, 2026

सोयाबीन किसानों के लिए बड़ी सलाह: बुवाई से खरपतवार और तना मक्खी नियंत्रण तक जारी हुई नई एडवाइजरी, इन गलतियों से बचें

देश के अधिकांश सोयाबीन उत्पादक क्षेत्रों में मानसून की अच्छी बारिश के साथ बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में किसान अभी भी पर्याप्त वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे किसानों के लिए वैज्ञानिकों ने बुवाई और फसल प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण सलाह जारी की है, ताकि फसल की अच्छी बढ़वार हो और उत्पादन में किसी प्रकार की कमी आए।

 

देर से बुवाई करने वाले किसान क्या करें?

 

यदि आपके क्षेत्र में जुलाई के पहले सप्ताह के बाद बुवाई हो रही है, तो कम अवधि में पकने वाली सोयाबीन किस्मों का चयन करें। कतार से कतार की दूरी लगभग 30 सेंटीमीटर रखें और बीज दर बढ़ाकर 90 से 100 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रखें। साथ ही कम से कम 100 मिमी वर्षा होने के बाद ही बुवाई करें।

 

बीज का चयन और खेत की तैयारी पर दें विशेष ध्यान

 

विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि कम से कम 70 प्रतिशत अंकुरण क्षमता वाला गुणवत्तायुक्त बीज ही उपयोग करें। एक ही किस्म पर निर्भर रहने के बजाय अपने क्षेत्र के लिए अनुशंसित 2 से 3 किस्मों की खेती करें। यदि संभव हो तो बुवाई से पहले कल्टीवेटर चलाकर खरपतवार नियंत्रण की तैयारी करें।

 

बीजोपचार और संतुलित पोषण बेहद जरूरी

 

फसल को फफूंद, तना मक्खी और सफेद मक्खी जैसे कीटों से बचाने के लिए वैज्ञानिकों ने अनुशंसित रसायनों से बीजोपचार करने की सलाह दी है। इसके साथ ही क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार संतुलित मात्रा में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश और सल्फर का प्रयोग करने की भी सिफारिश की गई है। आवश्यकता होने पर जिंक सल्फेट और आयरन सल्फेट का उपयोग भी लाभदायक रहेगा।

 

बीजोपचार के लिए प्रमुख विकल्प

·       Azoxystrobin 2.5% + Thiophanate Methyl 11.25% + Thiamethoxam 25% FS

·       Trifloxystrobin 6% + Thiophanate Methyl 9.5% + Thiamethoxam 24% FS

·       Penflufen + Trifloxystrobin FS

·       Carboxin 37.5% + Thiram 37.5% WS

·       Carbendazim + Mancozeb

·       Thiamethoxam 30 FS

·       Imidacloprid 48 FS

जैविक विकल्प के रूप में Bradyrhizobium japonicum/PSB Culture तथा Trichoderma viride का उपयोग भी किया जा सकता है।

 

 

बुवाई के बाद रखें इन बातों का ध्यान

 

यदि फसल 10 से 15 दिन की हो चुकी है, तो समय पर खरपतवार नियंत्रण करें। जहां पौधों की संख्या कम हो, वहां गैप फिलिंग या दोबारा बुवाई करें। साथ ही शुरुआती अवस्था में तना मक्खी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अनुशंसित कीटनाशक का छिड़काव करें, जिससे नुकसान को रोका जा सके।

 

सोयाबीन किसानों के लिए अनुशंसित कीटनाशक

 

वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि बुवाई से पहले बीजोपचार अवश्य करें, जिससे तना मक्खी, सफेद मक्खी और फफूंदजनित रोगों से शुरुआती सुरक्षा मिल सके। इसके लिए निम्न विकल्प दिए गए हैं।

 

तना मक्खी नियंत्रण

 

यदि फसल में तना मक्खी के शुरुआती लक्षण दिखाई दें तो वैज्ञानिकों ने निम्न कीटनाशक के छिड़काव की सलाह दी है।

 

Thiamethoxam 12.60% + Lambda Cyhalothrin 9.50% ZC

मात्रा: 125 मिली प्रति हेक्टेयर

 

खरपतवार नियंत्रण में लापरवाही करें

 

विशेषज्ञों का कहना है कि बुवाई से पहले, बुवाई के तुरंत बाद तथा फसल की अवस्था के अनुसार अनुशंसित खरपतवारनाशकों का ही प्रयोग करें। छिड़काव के दौरान पर्याप्त पानी और उपयुक्त नोजल का उपयोग करने से दवा का प्रभाव बेहतर मिलता है।

 

खरपतवार नियंत्रण के लिए अनुशंसित खरपतवारनाशक

 

विशेषज्ञों ने बुवाई से पहले, बुवाई के तुरंत बाद तथा फसल की अवस्था के अनुसार विभिन्न खरपतवारनाशकों के प्रयोग की सलाह दी है।

 

1. बुवाई से पहले (PPI)

·       Diclosulam + Pendimethalin

·       Pendimethalin + Imazethapyr

·       Fluchloralin 45 EC

 

2. बुवाई के तुरंत बाद (Pre-Emergence)

·       Pyroxasulfone + Diclosulam

·       Metolachlor + Sulfentrazone

·       Pendimethalin

·       Clomazone

·       Flumioxazin

·       Metribuzin

·       Sulfentrazone

·       Pyroxasulfone 85 WG

 

3. बुवाई के 10–12 दिन बाद (Post-Emergence)

·       Chlorimuron Ethyl + Surfactant

·       Bentazone 48 SL

 

4. बुवाई के 15–20 दिन बाद (Post-Emergence)

·       Clethodim

·       Imazethapyr

·       Quizalofop Ethyl

·       Quizalofop-P-Ethyl

·       Fenoxaprop-P-Ethyl

·       Fluazifop-P-Butyl

·       Haloxyfop R Methyl

·       Propaquizafop

·       Fluthiacet Methyl

5. मिश्रित (Pre-mixed) खरपतवारनाशक

·       Fomesafen + Clodinafop-Propargyl

·       Metamifop + Imazethapyr + Imazamox

·       Fluazifop-P-Butyl + Fomesafen

·       Imazethapyr + Imazamox

·       Propaquizafop + Imazethapyr

·       Fomesafen + Quizalofop Ethyl

·       Fomesafen + Fenoxaprop-P-Ethyl + Chlorimuron Ethyl

·       Quizalofop Ethyl + Chlorimuron Ethyl + Surfactant

 

महत्वपूर्ण सलाह

 

इन सभी कीटनाशकों और खरपतवारनाशकों का प्रयोग फसल की अवस्था, खरपतवार एवं कीट की स्थिति तथा लेबल पर लिखी गई अनुशंसित मात्रा के अनुसार ही करें। छिड़काव के समय पर्याप्त पानी (नैपसैक स्प्रेयर से लगभग 450–500 लीटर प्रति हेक्टेयर तथा पावर स्प्रेयर से 120–150 लीटर प्रति हेक्टेयर) और उपयुक्त फ्लड जेट या फ्लैट फैन नोजल का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

 

किसानों के लिए मुख्य सलाह (Quick Advisory)

·       पर्याप्त वर्षा (लगभग 100 मिमी) के बाद ही बुवाई करें।

·       देर से बुवाई होने पर कम अवधि वाली किस्में चुनें।

·       केवल प्रमाणित और गुणवत्तायुक्त बीज का उपयोग करें।

·       बुवाई से पहले बीजोपचार अवश्य करें।

·       संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें।

·       समय पर खरपतवार नियंत्रण करें।

·       फसल में तना मक्खी और सफेद मक्खी की नियमित निगरानी रखें।

·       पौध संख्या कम होने पर तुरंत गैप फिलिंग करें।

 

स्रोत: यह सलाह 6–12 जुलाई 2026 के लिए जारी साप्ताहिक सोयाबीन एडवाइजरी पर आधारित है, जिसमें बुवाई, पोषण प्रबंधन, बीजोपचार, खरपतवार नियंत्रण और कीट प्रबंधन संबंधी वैज्ञानिक अनुशंसाएं दी गई हैं।
ICAR-National Soybean Research Institute

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