किसान खबर: सही तकनीक अपनाएं, टमाटर की खेती से पाएं ज्यादा पैदावार और बेहतर मुनाफा

किसान खबर: सही तकनीक अपनाएं, टमाटर की खेती से पाएं ज्यादा पैदावार और बेहतर मुनाफा
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Crops
Feb 05, 2026

किसान खबर: सही तकनीक अपनाएं, टमाटर की खेती से पाएं ज्यादा पैदावार और बेहतर मुनाफा

अगर
आप भी टमाटर की खेती से अच्छी आमदनी करना चाहते हैं, तो सबसे पहले खेत की तैयारी और मिट्टी पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार टमाटर के लिए उपजाऊ दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। खेत की गहरी जुताई करके उसमें 15 से 20 टन सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाने से मिट्टी में ताकत आती है और पौधों की बढ़वार अच्छी होती है।


 


खेत में पानी की सही निकासी होना भी बहुत जरूरी है, क्योंकि अधिक नमी रहने से पौधों में रोग जल्दी लगते हैं।

 

टमाटर की खेती में 80 से 90 सेंटीमीटर चौड़ी बेड प्रणाली अपनाना आज के समय में बहुत फायदेमंद माना जा रहा है। इससे पौधों को भरपूर हवा और धूप मिलती रहती है।

·       पौध से पौध की दूरी – 1 से 1.5 फीट

·       बेड से बेड की दूरी – 5 से 5.5 फीट

 

इस तरीके से पौधों की ग्रोथ तेज होती है और उत्पादन में भी साफ बढ़ोतरी देखी जाती है।


 


खाद और पोषण प्रबंधन

 

रोपाई के समय गोबर की खाद के साथ फास्फोरस और पोटाश देना जरूरी होता है। वहीं, यूरिया की मात्रा सीमित रखना बेहतर माना जाता है।

जब पौधों में फूल आने लगते हैं, उस समय बची हुई यूरिया के साथ बोरॉन का हल्का छिड़काव करने से फल की संख्या और गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है। संतुलित पोषण से पौधे मजबूत बनते हैं और फल आकार में भी अच्छे होते हैं।


 


मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई से बढ़े फायदे

 

किसानों के लिए मल्चिंग शीट लगाना आज एक बेहद उपयोगी तकनीक बन चुकी है। इससे खेत की नमी बनी रहती है और खरपतवार भी कम उगते हैं।

वहीं, ड्रिप सिंचाई अपनाने से लगभग 50 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है और पौधों को जरूरत के अनुसार नमी मिलती रहती है। इससे फसल अच्छी होती है और सिंचाई का खर्च भी कम हो जाता है।


 


सहारा देना और कीट नियंत्रण

 

टमाटर के पौधों को बांस, रस्सी या सुतली से सहारा देना बहुत जरूरी होता है। इससे फल जमीन को नहीं छूते और सड़ने से बचे रहते हैं।

सफेद मक्खी, फल छेदक और लीफ माइनर जैसे कीटों से बचाव के लिए नीम तेल का छिड़काव एक सुरक्षित और असरदार उपाय माना जाता है।

 

उन्नत किस्में दे रहीं शानदार उत्पादन

 

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार आज बाजार में ऐसी कई उन्नत किस्में उपलब्ध हैं, जो रोगों के प्रति सहनशील होती हैं और लंबे समय तक फल देती हैं।

अर्का रक्षक और अर्का सम्राट जैसी किस्में किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।

इसके अलावा नामधारी 4266, नवीन-152 और परी वैरायटी भी अच्छी पैदावार के लिए जानी जाती हैं। सही देखभाल और तकनीक अपनाने पर इन किस्मों से 1200 से 1400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन मिलने की संभावना बताई जाती है।

वहीं पूसा सदाबहार, पूसा रोहिणी, पंत टी-10 और हिसार ललित जैसी किस्में भी गर्मी सहन करने वाली और अच्छी उत्पादन क्षमता वाली मानी जाती हैं।

 

किसान के लिए टमाटर बना सकता है कमाई का मजबूत जरिया

 

यदि किसान भाई सही किस्म का चुनाव करें, बेड प्रणाली अपनाएं, संतुलित खाद दें और ड्रिप मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करें, तो टमाटर की खेती उनके लिए एक मजबूत आय का साधन बन सकती है।

थोड़ी सी सावधानी, सही समय पर देखभाल और वैज्ञानिक तरीके अपनाकर किसान भाई टमाटर की खेती से बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं और अपनी आमदनी को नई ऊंचाई तक ले जा सकते हैं।

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