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इस साल अप्रैल में ही खेतों से साफ हो जायेगा गन्ना

 

बुलंदशहर: गन्ने की पैदावार पिछले पेराई सत्र से अधिक है और पेराई सत्र भी देर से शुरू हुआ। इसके बावजूद चीनी मिलों ने इस बार अब तक 60 प्रतिशत से अधिक गन्ने की पेराई की है। जिला गन्ना विभाग का दावा है कि इस बार अप्रैल में सभी किसानों के गन्ने की पेराई करके चीनी मिलों को बंद कर दिया जाएगा, जबकि पिछले सत्र में मिलें मई-जून तक चलती थीं।

 

गेहूं और गन्ने की पैदावार विशेष रूप से बुलंदशहर में महत्वपूर्ण है। जिले में हर साल गन्ना रकबा बढ़ता जाता है। 2017-18 की अंतिम तिमाही में जिले में गन्ने का कुल क्षेत्रफल 54,747 हेक्टेयर था। वर्तमान पेराई सत्र के लिए इसमें लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस बार गन्ने का रकबा 66,870 हेक्टेयर हो गया। पिछले साल जिले की चार चीनी मिलों ने मई-जून तक गन्ने की पेराई की थी, जबकि मिलों में पेराई सत्र की शुरुआत समय से हुई थी।

 

पेराई सत्र 2018-19 इस बार देर से शुरू हुआ। साबितगढ़ शुगर मिल का 11, अगौता में चार, वेव में 27 और अनूपशहर में 13 नवंबर को पेराई सत्र शुरू किया गया। वेव में करीब एक माह देरी से और अन्य तीनों में करीब 15 दिन की देरी से पेराई सत्र शुरू हुआ। मिल देरी से संचालित होने व रकबा बढ़ने के कारण कयास लगाए जा रहे थे, इस बार मिल जून या जुलाई तक चलेंगी। गन्ना विभाग की माने तो देरी से चलने के बाद भी मिलों ने अभी तक 60 से 70 प्रतिशत गन्ने की पेराई कर दी है। शेष गन्ना अगले दो माह में पेराई करके अप्रैल में मिल बंद हो जाएंगी।

 

- 1.25 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हर दिन

इस बार कुल 2.5 मिलियन कुंतल गन्ने की पेराई हुई है। जिले की चार चीनी मिलें बिना देरी किए गन्ने की पेराई बेहतर तरीके से कर रही हैं। साबितगढ़ 55-57 हजार क्विंटल, अगौता 33-35 हजार कुंतल, वेव 20-24 हजार कुंतल और अनूपशहर 22 से 25 हजार कुंतल गन्ना प्रतिदिन पेराई कर रहे हैं। चारों शुगर मिला औसतन 1.25 लाख कुंतल गन्ना प्रतिदिन पेराई कर रही हैं। इस हिसाब से चारों मिलें अभी तक 1.70 करोड़ कुंतल गन्ने की पेराई कर चुकी हैं, जबकि शेष 90 लाख कुंतल के लिए अधिकतम दो माह यानी अप्रैल तक मिल संचालित करने की जरूरत पड़ेगी।

 

उन्होंने कहा ..

हालांकि गन्ने का रकबा बढ़ा है लेकिन बेकार पड़ी मिलों में पेराई होने के कारण पिछले सीजन की तुलना में औसत दैनिक औसत बेहतर है। अब तक 60 से 70 प्रतिशत गन्ने की पेराई हो चुकी है। शेष गन्ना पेराई अप्रैल तक करने की कोशिश है।

- डीके सैनी, जिला गन्ना अधिकारी, बुलंदशहर