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यह मशीन किसानों को दिलाएगी एलोवेरा के अच्छा दाम, जानिए कैसे

जयपुर। आज एलोवेरा की गुणवत्ता और उसके इस्तेमाल से सभी लोग वाकिफ हैं। आयुर्वेदिक औषधियों के अलावा स्किन और बालों के लिए एलोवेरा रामबाण साबित हो रहा है। ऐसे में किसान भी एलोवेरा उत्पादन की ओर फोकस कर रहे हैं। वहीं किसानों की सबसे बड़ी समस्या इसके छिलके को उतारना है जो एक टेड़ी खीर है। बिना छिलका उतारे उनको एलोवेरा की अच्छी कीमत नहीं मिल पाती है।
इस समस्या को देखते हुए विवेकानंद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के मेकेनिकल डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स ने एक ऐसी लो कॉस्ट मशीन बनाई है जो किसान आसानी से खरीद सकते हैं और एलोवेरा को छिल कर उसका जेल निकाल सकते हैं। जेल की कीमत एलोवेरा के मुकाबले कहीं ज्यादा है।

औद्योगिक घरानों की दलील होती है कि एलोवेरा का छिलका उतारने में काफी पैसे खर्च होते हैं और उसके लिए बड़ी मशीनों का इस्तेमाल करना पड़ता है। ऐसे में वे किसानों को एलोवेरा लीव्स की अच्छी कीमत देने से लगातार बचते हैं। इधर यदि किसान खुद ही उसके छिलके उतारकर सीधे जेल बेचेगा तो उसको अच्छी कीमत मिल सकेगी।

महज ढाई हजार रुपए लागत :
फिलहाल इस मशीन को बनाने में महज ढाई हजार रुपए की लागत आई है। इसके कंपोनेंट्स मेकेनिकल डिपार्टमेंट में पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स ने तैयार करके उसे एसेंबल किया है।

यहां से आया आइडिया :
वीआईटी के प्रिंसिपल डीपी दरमोरा के दिमाग में 8 माह पहले यह आइडिया आया था। फिर उन्होंने मेकेनिकल डिपार्टमेंट से बात करके ऐसी लो कॉस्ट मशीन बनाने के लिए प्रेरित किया। इस मशीन को बनाने में 6 माह का समय लगा।

पेटेंट भी हुआ फाइल :
इस मशीन का इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफिस नई दिल्ली में पेटेंट भी फाइल किया जा चुका है। यह अभी इनिशियल लेवल पर है। इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन सुरेश ने बताया कि इस मशीन को और डवलप करने पर विचार चल रहा है जिससे इसकी क्षमता को और बढ़ाया जा सके।