बजट 2026 का बड़ा तोहफ़ा किसानों को
अब चंदन, काजू, कोको, अखरोट, बादाम और नारियल से बदलेगी किस्मत
खेती अब सिर्फ गेहूं-धान तक सीमित नहीं रहेगी।
यूनियन बजट 2026 में सरकार ने साफ कर दिया है कि अब किसानों को ऐसी फसलों की तरफ आगे बढ़ाया जाएगा, जिनसे कम ज़मीन में ज़्यादा आमदनी हो और खेती सच में फायदे का सौदा बने।
बजट भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार अब खेती में विविधता, बेहतर उत्पादन और ग्रामीण इलाकों में नए रोज़गार के अवसर बनाने पर खास ज़ोर दे रही है।
इसी दिशा में चंदन, काजू, कोको, अखरोट, बादाम और नारियल जैसी हाई वैल्यू फसलों को आगे बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया गया है।
सरकार ने बताया कि भारत दुनिया के बड़े नारियल उत्पादक देशों में शामिल है और लाखों परिवार इससे जुड़े कामों से रोज़गार पाते हैं।
अब नई योजना के तहत —
जिन नारियल के पेड़ों में उत्पादन नहीं हो रहा है, उन्हें हटाकर
नई और उन्नत किस्म के पौधे लगाए जाएंगे
प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में
उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने की विशेष योजना लागू होगी
काजू और कोको के लिए
अलग से राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा
इसका मकसद देश को कच्चे काजू और कोको के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और किसानों को बेहतर बाजार दिलाना है।
सरकार ने साफ कहा है कि चंदन केवल एक महंगा पेड़ नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान का भी हिस्सा है।
अब राज्यों के साथ मिलकर —
चंदन की व्यवस्थित खेती
पौध तैयार करने की व्यवस्था
संरक्षण
और बिक्री तक की पूरी व्यवस्था (वैल्यू चेन)
को मजबूत किया जाएगा।
इससे लंबे समय की खेती करने वाले किसानों और वन क्षेत्रों से जुड़े परिवारों की आय बढ़ने की उम्मीद है।
बजट 2026 में यह भी बताया गया कि अब अखरोट, पाइन नट्स और बादाम जैसी पौष्टिक और ज़्यादा कीमत देने वाली फसलों को आगे बढ़ाया जाएगा।
इसके लिए —
किसानों को निवेश के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा
खासतौर पर उत्तर-पूर्वी राज्यों और अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में
इन फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा
इससे पहाड़ी और दूरदराज़ इलाकों के किसानों के लिए नई कमाई के रास्ते खुलेंगे।
सरकार ने साफ किया है कि इस बार की योजनाओं का केंद्र बिंदु छोटे और सीमांत किसान हैं।
लक्ष्य यह है कि खेती सिर्फ गुज़ारे का साधन न रहकर एक स्थायी और मुनाफे वाला व्यवसाय बने।
संक्षेप में समझिए —
नारियल, काजू और कोको के लिए नई सरकारी योजनाएं शुरू होंगी
बेकार हो चुके नारियल पेड़ों की जगह बेहतर किस्म के पौधे लगाए जाएंगे
चंदन की खेती को फिर से बढ़ावा और सुरक्षित बाजार मिलेगा
अखरोट और बादाम जैसी महंगी फसलों को सरकारी सहयोग मिलेगा
छोटे किसानों की आमदनी बढ़ाने पर सीधा फोकस रहेगा
अगर आपके इलाके में नारियल, काजू, कोको, चंदन, अखरोट या बादाम की खेती संभव है, तो आने वाली सरकारी योजनाएं आपके लिए आने वाले समय में बड़ा अवसर साबित हो सकती हैं।
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