7 मार्च तक खुले रहेंगे गेहूं पंजीयन, किसानों के लिए बड़ी राहत

7 मार्च तक खुले रहेंगे गेहूं पंजीयन, किसानों के लिए बड़ी राहत
News Banner Image

Kisaan Helpline

Kisaan-News
Feb 12, 2026

प्रदेश के किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है।

मुख्यमंत्री  डॉ. मोहन यादव ने बताया कि गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन की प्रक्रिया 7 फरवरी से शुरू हो चुकी है और यह 7 मार्च तक जारी रहेगी।


उन्होंने कहा कि पूरे मध्य प्रदेश में किसानों की सुविधा के लिए कुल 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं, ताकि किसी भी किसान को पंजीयन कराने में परेशानी न हो।


मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य पिछले साल की तुलना में 160 रुपये ज्यादा रखा गया है, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिल सकेंगे।


धान के किसानों को भी मिलेगा बेहतर दाम


मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष धान का समर्थन मूल्य 2369 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछली बार की एमएसपी से अधिक है।


उन्होंने बताया कि इस सीजन में प्रदेश में लगभग 51 लाख 74 हजार मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ है।

धान उपार्जन के लिए 8 लाख 59 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया, जिनमें से 7 लाख 89 हजार से ज्यादा किसानों ने स्पॉट बुकिंग के माध्यम से अपनी उपज की बिक्री के लिए प्रक्रिया पूरी की।


इस साल गेहूं की पैदावार बेहतर रहने की उम्मीद


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में गेहूं की फसल अच्छी रहने की संभावना है। राज्य सरकार ने इसके लिए पहले से ही भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था कर ली है, ताकि किसानों की उपज सुरक्षित रखी जा सके और खरीदी में किसी प्रकार की रुकावट न आए।


रोजगार बढ़ाने पर भी सरकार का फोकस


कृषि के साथ-साथ रोजगार को लेकर भी सरकार गंभीर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में वस्त्र उद्योग (टेक्सटाइल यूनिट) लगाने की संभावनाएं तलाशें, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकें और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम मिल सके।


किसानों के लिए क्या है सबसे जरूरी बात


सरकार ने किसानों से अपील की है कि गेहूं उपार्जन के लिए समय रहते पंजीयन कराएं, ताकि बाद में किसी प्रकार की परेशानी न हो।


महत्वपूर्ण जानकारी संक्षेप में

गेहूं पंजीयन की अंतिम तिथि: 7 मार्च

कुल पंजीयन केंद्र: 3186

गेहूं एमएसपी: पिछले वर्ष से 160 रुपये अधिक

धान एमएसपी: 2369 रुपये प्रति क्विंटल


सरकार का कहना है कि इस बार खरीदी व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाया जा रहा है, ताकि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य समय पर मिल सके।

Smart farming and agriculture app for farmers is an innovative platform that connects farmers and rural communities across the country.

© All Copyright 2024 by Kisaan Helpline