कम लागत, कम पानी और शानदार मुनाफे वाली नई खेती
मध्यप्रदेश में अब किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ एक नई और फायदेमंद फसल की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। यह फसल है – चिया। सुपर फूड के रूप में पहचानी जाने वाली चिया अब प्रदेश के किसानों के लिए वास्तव में “सफेद सोना” बनती जा रही है।
जहां गेहूं, चना और अरहर जैसी फसलों में अधिक लागत और जोखिम रहता है, वहीं चिया की खेती में कम खर्च, कम पानी और कम दवा-खाद में अच्छी आमदनी संभव हो रही है।
मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के पाटन क्षेत्र में कुछ वर्ष पहले केवल 5 एकड़ में प्रयोग के तौर पर चिया की खेती शुरू की गई थी। आज यह रकबा बढ़कर लगभग 250 एकड़ तक पहुंच चुका है। वर्तमान में पाटन, शहपुरा, सिहोरा,
मझौली और कुंडम विकासखंडों के लगभग सौ किसान चिया की खेती कर रहे हैं।
संयुक्त संचालक कृषि ने किसानों को सलाह दी कि चिया बीज विक्रय के लिए केवल नीमच मंडी
पर निर्भर न रहें।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में चिया सीड्स की मांग काफी अधिक है, इसलिए किसान समूह बनाकर सीधे खरीदारों से संपर्क करें और अपना स्वयं का बाजार विकसित करें।
कृषि विभाग के अनुसार चिया की खेती कई कारणों से किसानों के लिए सुरक्षित और लाभदायक मानी जा रही है-
इसमें खाद और दवाइयों का खर्च बहुत कम होता है
इसकी पत्तियों में विशेष गंध होने के कारण पशु नुकसान नहीं पहुंचाते
इसमें ओमेगा-3, फाइबर और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है
बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है
फसल 90 से 120 दिन में तैयार हो जाती है
रबी मौसम में इसे आसानी से उगाया जा सकता है
बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है
चिया सीड्स सिर्फ कमाई की फसल नहीं है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। यही कारण है कि बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
चिया सीड्स के मुख्य स्वास्थ्य लाभ इस प्रकार हैं –
चिया सीड्स में भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कब्ज की समस्या में लाभ देता है।
चिया सीड्स प्रोटीन से भरपूर होता है, जिससे शरीर की ताकत बढ़ती है।
यह वजन नियंत्रित रखने में सहायक माना जाता है, इसलिए फिटनेस से जुड़े लोग भी इसका अधिक उपयोग कर रहे हैं।
चिया सीड्स शरीर में ऊर्जा बढ़ाने और थकान कम करने में मदद करता है।
इसमें मौजूद पोषक तत्व हड्डियों और मांसपेशियों के लिए भी लाभकारी होते हैं।
इन्हीं स्वास्थ्य लाभों के कारण चिया सीड्स को आज देश और विदेश दोनों बाजारों में सुपर फूड के रूप में पसंद किया जा रहा है, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना बन रही है।
कृषि अधिकारियों के अनुसार-
प्रति एकड़ बीज की मात्रा – 1.5 से 2 किलो
बोनी से लेकर कटाई तक कुल लागत – लगभग 6 से 7 हजार रुपये प्रति एकड़
औसत उत्पादन – 4 से 6 क्विंटल प्रति एकड़
बाजार भाव – 14 हजार से 18 हजार रुपये प्रति क्विंटल (गुणवत्ता के अनुसार)
इस प्रकार कम लागत में अच्छी आमदनी की संभावना बनती है।
कम पानी, कम लागत, कम जोखिम और बढ़ती मांग के कारण चिया की खेती अब मध्यप्रदेश के किसानों के लिए एक मजबूत विकल्प बनती जा रही है। यदि किसान संगठित होकर सीधे बाजार से जुड़ें और आगे चलकर प्रोसेसिंग व ब्रांडिंग की दिशा में काम करें, तो चिया वास्तव में किसानों की आमदनी बढ़ाने वाली “सफेद सोना” फसल साबित हो सकती है।
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