क्या BRICS सम्मेलन बदल देगा किसानों का भविष्य?
20 देशों के कृषि विशेषज्ञ और मंत्री जुटे इंदौर में, खेती, व्यापार और नई तकनीकों पर हो रही बड़ी चर्चा
भारत के कृषि क्षेत्र के लिए यह गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में 9 से 13 जून तक अंतरराष्ट्रीय BRICS कृषि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में BRICS देशों के साथ-साथ कई साझेदार देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। कृषि, खाद्य सुरक्षा, व्यापार और किसानों की आय बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए दुनिया भर के प्रतिनिधि एक मंच पर आए हैं।
यह सम्मेलन केवल देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य भविष्य की खेती को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और लाभदायक बनाना भी है।
BRICS कृषि सम्मेलन क्या है?
BRICS दुनिया के प्रमुख उभरते देशों का समूह है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। आज यह समूह वैश्विक कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
दुनिया की बड़ी कृषि भूमि, करोड़ों किसान और खाद्य उत्पादन का बड़ा हिस्सा BRICS देशों के पास है। ऐसे में इन देशों के बीच सहयोग बढ़ाने से कृषि क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
भारत और रूस के बीच कृषि सहयोग पर विशेष चर्चा
सम्मेलन के दौरान भारत और रूस के प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में कृषि व्यापार बढ़ाने, नई तकनीकों को साझा करने और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने पर चर्चा की गई।
दोनों देशों ने खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने, कृषि उत्पादों के लिए नए बाजार विकसित करने और जलवायु परिवर्तन से प्रभावित खेती के समाधान खोजने पर विचार साझा किए। इससे भविष्य में किसानों को आधुनिक तकनीकों और बेहतर बाजारों का लाभ मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सम्मेलन?
इस सम्मेलन में जिन विषयों पर चर्चा हो रही है, वे सीधे किसानों के भविष्य से जुड़े हुए हैं। इनमें शामिल हैं:
● खाद्य सुरक्षा और पोषण
● किसानों की आय बढ़ाने के उपाय
● कृषि व्यापार का विस्तार
● आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग
● जलवायु परिवर्तन से बचाव
● छोटे और सीमांत किसानों की समस्याओं का समाधान
● कृषि अनुसंधान और नवाचार
यदि इन विषयों पर प्रभावी नीतियां बनती हैं, तो आने वाले वर्षों में किसानों को बेहतर सुविधाएं और नए अवसर मिल सकते हैं।
छोटे किसानों पर रहेगा विशेष फोकस
भारत सहित कई देशों में छोटे और सीमांत किसान कृषि की रीढ़ माने जाते हैं। इसी कारण सम्मेलन में इन किसानों की चुनौतियों पर विशेष चर्चा की जा रही है।
विशेषज्ञ कृषि ऋण, बाजार तक पहुंच, आधुनिक मशीनों का उपयोग, गुणवत्तापूर्ण बीज, सिंचाई सुविधाएं और डिजिटल तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के उपायों पर विचार कर रहे हैं।
इससे भविष्य में छोटे किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
महिलाओं और युवाओं की भूमिका पर होगा विशेष संवाद
12 जून को आयोजित मंत्री स्तरीय बैठक का मुख्य विषय है – "महिलाओं और युवाओं के माध्यम से भविष्य की खाद्य सुरक्षा।"
आज कृषि क्षेत्र में महिलाओं और युवा किसानों की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। डिजिटल खेती, ड्रोन तकनीक, स्मार्ट सिंचाई और कृषि स्टार्टअप्स के माध्यम से युवा खेती को आधुनिक बना रहे हैं।
सम्मेलन में इस बात पर चर्चा होगी कि कैसे महिलाओं और युवाओं को कृषि क्षेत्र में अधिक अवसर दिए जाएं ताकि खेती को भविष्य के लिए मजबूत बनाया जा सके।
जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपाय खोजे जाएंगे
बदलते मौसम, अनियमित बारिश, सूखा और बाढ़ जैसी समस्याएं किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी हैं।
इसी कारण सम्मेलन में जलवायु-अनुकूल खेती (Climate Smart Agriculture) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वैज्ञानिक और विशेषज्ञ ऐसी तकनीकों और फसलों पर चर्चा कर रहे हैं जो कम पानी में भी बेहतर उत्पादन दे सकें और मौसम की मार को सहन कर सकें।
कृषि में नवाचार और नई तकनीकों पर जोर
आज खेती केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन, सेंसर, सैटेलाइट मॉनिटरिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म कृषि को नई दिशा दे रहे हैं।
BRICS सम्मेलन में इन तकनीकों के उपयोग और किसानों तक उनकी पहुंच बढ़ाने पर भी चर्चा की जा रही है। इससे खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
BRICS वाटिका बनेगी आकर्षण का केंद्र
सम्मेलन के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए एक विशेष "BRICS वाटिका" विकसित की जा रही है।
इस वाटिका में सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि पौधारोपण करेंगे। यह पहल प्रकृति संरक्षण, हरित विकास और सतत कृषि के प्रति देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
विदेशी मेहमान देखेंगे इंदौर और मालवा की संस्कृति
कृषि चर्चा के साथ-साथ विदेशी प्रतिनिधियों को इंदौर और मालवा क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित कराया जाएगा।
प्रतिनिधि ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे तथा भारतीय संस्कृति, खानपान और परंपराओं का अनुभव प्राप्त करेंगे। इससे भारत की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी।
मध्यप्रदेश के लिए सुनहरा अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मेलन मध्यप्रदेश को कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, निर्यात और कृषि निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद कर सकता है।
यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ता है, तो प्रदेश के किसानों को नई तकनीकों, बेहतर बाजारों और निवेश के अवसरों का लाभ मिल सकता है।
इंदौर में आयोजित BRICS कृषि सम्मेलन केवल एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह दुनिया की कृषि को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और लाभदायक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सम्मेलन से निकले सुझाव और नीतियां आने वाले वर्षों में किसानों की आय बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा मजबूत करने और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
भारत और विशेष रूप से मध्यप्रदेश के किसानों के लिए यह सम्मेलन नई उम्मीदों और अवसरों का संदेश लेकर आया है। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम कृषि क्षेत्र में देखने को मिल सकते हैं।
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