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मध्य प्रदेश में पशुओं का इलाज करवाना होगा आसान, मध्यप्रदेश के लिये 406 चलित पशु चिकित्सा इकाई स्वीकृत
मध्य प्रदेश में पशुओं का इलाज करवाना होगा आसान, मध्यप्रदेश के लिये 406 चलित पशु चिकित्सा इकाई स्वीकृत

MP News: मध्य प्रदेश को केंद्र सरकार की तरफ से एक बड़ा तोहफा दिया है जिससे प्रदेश में अब पशुओं का बेहतर इलाज हो सकेगा, खास बात ये है कि अब पशु मालिक को गंभीर स्थिति में अपने बीमार पशु को लेकर अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा बल्कि पशु अस्पताल खुद चलकर उसके पास आएगा। यानि अब मध्य प्रदेश में केंद्र सरकार की मदद से चलित पशु चिकित्सा इकाई (mobile veterinary unit) संचालित होंगी, इनकी संख्या 406 होगी। मध्य प्रदेश में अब 108 एम्बुलेंस की तरह ही बीमार पशुओं के इलाज के लिए चलित पशु चिकित्सा इकाई चलेगी, एक कॉल पर ये बीमार पशु के पास होगी। मध्य प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने बताया कि केंद्र द्वारा प्रदेश में 4 करोड़ 6 लाख पशुधन के लिए 406 मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट मंजूर की गई हैं। ताकि पशुपालन (Animal Husbandry) अच्छी तरह हो। केन्द्रीय पशु चिकित्सालयों एवं औषधालयों की स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण योजना में वर्ष 2021-22 में भारत सरकार द्वारा चलित पशु चिकित्सा इकाई का नया घटक शामिल किया गया है। योजना में प्रति एक लाख पशुधन पर एक मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई संचालित की जाएगी। पटेल ने बताया कि मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई का वाहन आधुनिक उपकरणों और स्टाफ से सुसज्जित रहेगा। वाहन में एक पशु चिकित्सक, एक पैरावेट और एक वाहन चालक सह-सहायक रहेगा।

मध्य प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री प्रेमसिंह पटेल ने बताया कि इस योजना में पहली किस्त के रूप में 64.96 करोड़ रुपये मिले हैं। मोबाइल वैन में पशु चिकित्सा, लघु शल्य चिकित्सा, कृत्रिम गर्भाधान, रोग अन्वेषण से संबंधित आवश्यक उपकरण भी रहेंगे। पशुधन योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिये प्रोजेक्टर, स्पीकर आदि भी लगाया जाएगा। वाहन में उपलब्घ आवश्यक मानव संसाधन, औषधि और रख-रखाव आदि के लिए प्रति वर्ष 18 लाख 72 हजार रुपये प्रति चलित पशु चिकित्सा इकाई खर्च का प्रावधान किया गया है।

केंद्र और राज्य कितनी रकम खर्च करेंगे किस-किस काम के लिए  
वाहन में उपलब्घ आवश्यक मानव संसाधन, औषधि, वाहन के लिये पीओएल एवं रख-रखाव आदि के लिये प्रति वर्ष 18 लाख 72 हजार रूपये प्रति चलित पशु चिकित्सा इकाई का प्रावधान किया गया है। इसमें 60 प्रतिशत केन्द्रांश एवं 40 प्रतिशत राज्यांश रहेगा। वाहन, वाहन की साज-सज्जा, पशु चिकित्सा के लिये आवश्यक उपकरण, प्रचार-प्रसार उपकरण और फेब्रीकेशन के लिये भी 16 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि 100 प्रतिशत केन्द्रांश आधारित है।

कॉल सेंटर की होगी स्थापना
चलित पशु चिकित्सा इकाई के लिये कॉल सेंटर की भी स्थापना की जायेगी। कॉल सेंटर में कॉल ऑपरेटर एवं पशु चिकित्सक की नियुक्ति की जायेगी। सेंटर के लिये भी 60 प्रतिशत केन्द्रांश एवं 40 प्रतिशत राज्यांश राशि का प्रावधान किया गया है।