बदला मौसम का मिजाज: मंदसौर–नीमच में ओलावृष्टि से अफीम सहित सभी फसलों को भारी नुकसान

बदला मौसम का मिजाज: मंदसौर–नीमच में ओलावृष्टि से अफीम सहित सभी फसलों को भारी नुकसान
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Kisaan Helpline

Agriculture Feb 02, 2026

बदला मौसम का मिजाज: मंदसौरनीमच में ओलावृष्टि से अफीम सहित फसलों को भारी नुकसान

 

मध्यप्रदेश में रविवार को मौसम ने अचानक करवट ली और इसका सबसे ज्यादा असर मंदसौर और नीमच जिलों में देखने को मिला। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और मक्का के आकार के ओलों ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। केवल 10 से 30 मिनट की ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को चौपट कर दिया, जिससे किसान गहरी चिंता में डूब गए हैं।


 


आधे घंटे में उजड़ गई किसानों की मेहनत

 

मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ तहसील के झारड़ा, काचरिया देव, किशनगढ़, मनासा खुर्द, हरमाला, अरनिया देव, पामाखेड़ा सहित कई गांवों में रविवार शाम तेज बारिश के साथ ओले गिरे। खेतों और सड़कों पर बर्फ जैसी सफेद चादर बिछ गई। कई जगह लोग घरों के आंगन में फावड़े से ओले समेटते नजर आए। मंदसौर से सटे पालसोडा और भंवरासा क्षेत्र में नजारामिनी कश्मीरजैसा दिखा।

 

अफीम, गेहूं और चना सबसे ज्यादा प्रभावित

 

अचानक बदले मौसम ने सबसे ज्यादा नुकसान अफीम की फसल को पहुंचाया। इस समय अफीम के पौधों में फूल रहे थे, ऐसे में बड़े आकार के ओलों की मार से पौधे टूटकर जमीन पर गिर गए। इसके अलावा गेहूं, चना, सरसों, धनिया, अलसी, मेथी, मसूर और अन्य फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। कई खेतों में फसलें आड़ी हो गई हैं, जिससे उत्पादन पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है।



 

नीमच में भी तबाही, कुछ जगह सूखा तो कुछ जगह ओले

 

नीमच जिले में भी मौसम का मिजाज एक जैसा नहीं रहा। शहर में जहां सूखा रहा, वहीं महज 10 किलोमीटर दूर पालसोडा, जीरन, हर्कियाखाल, भंवरासा, गोपालपुरा और सेमली मेवाड़ जैसे इलाकों में तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि हुई। पालसोडा से भंवरासा फंटे को जोड़ने वाली सड़क पर बर्फ की परत जम गई, जिससे शिमला जैसे हालात नजर आए।

 


प्रशासन हुआ सक्रिय, सर्वे के निर्देश

 

ओलावृष्टि की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। प्रभावित गांवों में फसल नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व और कृषि विभाग की टीमों को मौके पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे जल्द से जल्द सर्वे कर वास्तविक नुकसान की रिपोर्ट तैयार करें, ताकि किसानों को राहत दी जा सके।

 

किसानों की मांग: तुरंत मुआवजा मिले

 

किसानों का कहना है कि जब फसलें कटाई के लिए लगभग तैयार थीं, तभी प्राकृतिक आपदा ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। अफीम उत्पादक किसानों की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर हो गई है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि नुकसान के अनुसार तुरंत मुआवजा दिया जाए, फसल बीमा के दावे शीघ्र निपटाए जाएं और जरूरत पड़ने पर विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए।



 

अफीम की फसल को सबसे बड़ा झटका

 

नीमच और मंदसौर क्षेत्र की पहचान मानी जाने वाली अफीम की फसल को इस ओलावृष्टि से सबसे अधिक नुकसान हुआ है। इस समय अफीम के पौधों में फूल रहे थे और पौधे पूरी तरह तैयार अवस्था में थे।

किसानों का कहना है कि अफीम ऐसी फसल है, जिसमें महीनों की मेहनत, लगातार निगरानी और भारी खर्च लगता है। छोटे बच्चों की तरह इसकी देखभाल करनी पड़ती है, लेकिन कुछ ही मिनटों की ओलावृष्टि ने इस पूरी मेहनत को मिट्टी में मिला दिया।

 


गेहूं, मेथी और लहसुन भी जमीन पर गिरे

 

अफीम के साथ-साथ गेहूं, मेथी और लहसुन की फसल, जो पकने के अंतिम चरण में थी, वह भी पूरी तरह जमीन पर गिर गई।

किसानों को इन्हीं फसलों से घर का खर्च चलाने, बच्चों की पढ़ाई और पुराने कर्ज चुकाने की उम्मीद थी, लेकिन अब वही उम्मीद टूटती नजर रही है।

 

पहले ही खराब हो चुकी थी सोयाबीन

 

दुख की बात यह है कि कुछ ही दिन पहले मौसम की मार से सोयाबीन की फसल भी खराब हो चुकी थी। इसके बाद किसानों ने बड़ी उम्मीद के साथ रबी की फसलों पर भरोसा किया था।

यही फसलें अब उनके लिए आखिरी सहारा थीं, लेकिन किस्मत ने यहां भी साथ नहीं दिया।

किसानों का कहना है कि ऐसा लगता है जैसे पूरा साल ही उनके लिए अभिशाप बन गया हो

ना खरीफ में राहत मिली और ना ही रबी में चैन।

 

खेत में खड़ा किसान, बढ़ता कर्ज और गहराता तनाव

आज हालत यह है कि किसान अपने ही खेत में खड़ा होकर अपनी मेहनत को नष्ट होते देख रहा है, लेकिन कुछ कर नहीं पा रहा। कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है, मानसिक तनाव गहराता जा रहा है और भविष्य अंधकारमय नजर रहा है।

यह सिर्फ फसल का नुकसान नहीं है, बल्कि किसानों के सपनों, घर चलाने के सहारे और उनके जीवन की स्थिरता पर गहरी चोट है।

 

मौसम विभाग का अलर्ट

 

मौसम विभाग ने मंदसौर, नीमच सहित आसपास के कई जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों तक बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

 

किसान चिंतित, सरकार से राहत की उम्मीद

 

मंदसौर और नीमच के किसान इस अचानक आई प्राकृतिक आपदा से बेहद परेशान हैं। खेतों में गिरी फसल देखकर किसानों की आंखों में चिंता साफ दिखाई दे रही है।

अब किसानों को प्रशासन के सर्वे और सरकार से मिलने वाली राहत का इंतजार है, ताकि इस भारी नुकसान से कुछ संभल मिल सके।

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