ओलावृष्टि का कहर, संतरा-गेहूं-प्याज-लहसुन की फसलें तबाह

ओलावृष्टि का कहर, संतरा-गेहूं-प्याज-लहसुन की फसलें तबाह
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Kisaan Helpline

Crops Jan 30, 2026

आगर-मालवा | जिले में शुक्रवार दोपहर बाद अचानक बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज आंधी, मावठ की बारिश और कई गांवों में हुई ओलावृष्टि से जिले की प्रमुख फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं और बागानों में तैयार फल जमीन पर बिखर गए।

अचानक बदले मौसम ने बढ़ाई परेशानी


दोपहर बाद घने बादल छाए और कुछ ही देर में तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। इसके बाद कई इलाकों में ओले गिरने लगे। मौसम का मिजाज इतनी तेजी से बदला कि किसानों को फसल संभालने का मौका तक नहीं मिला।


गेहूं की बालियां टूटीं, दाने झड़े


ओलावृष्टि और तेज हवा से कई गांवों में गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई। किसानों के अनुसार कई खेतों में बालियों से दाने झड़ गए हैं। जिन किसानों की फसल कटाई के करीब थी, उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।


संतरे के बागानों में भारी नुकसान


जिले के संतरा उत्पादक क्षेत्रों में हालात ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं। ओलों और तेज हवा के कारण बड़ी संख्या में संतरे पेड़ों से टूटकर नीचे गिर गए। कई फलों पर चोट के निशान भी पड़ गए हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता घट गई है और बाजार भाव पर असर पड़ने की आशंका है।


प्याज-लहसुन और सब्जियों पर भी असर


प्याज, लहसुन और सब्जियों की फसलें भी ओलावृष्टि से प्रभावित हुई हैं। कई खेतों में पौधे टूट गए हैं और बारिश के बाद खेतों में पानी भरने से सड़न का खतरा बढ़ गया है।



किसानों में चिंता और नाराजगी


फसल बर्बादी के बाद किसानों में गहरी चिंता देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि पहले ही खेती की लागत बढ़ चुकी है और अब इस नुकसान ने उनकी आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है।


जल्द सर्वे और मुआवजे की मांग


किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों में जल्द से जल्द फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए और पीड़ित किसानों को समय पर मुआवजा दिया जाए। फसल बीमा कराने वाले किसान भी नुकसान की सूचना दर्ज कराने की तैयारी में जुटे हुए हैं।


फिलहाल आगर-मालवा जिले में ओलावृष्टि से हुए नुकसान के बाद किसान राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं और अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।


किसानों के लिए जरूरी सलाह 


  • जिन खेतों में पानी भर गया है, वहां तुरंत निकासी की व्यवस्था करें।

  • गिरी हुई संतरा और सब्जियों को अलग कर लें, ताकि सड़न बाकी फसल में न फैले।

  • अपने पटवारी या कृषि विभाग को नुकसान की सूचना तुरंत दें।

  • फसल बीमा योजना से जुड़े किसान जल्द से जल्द नुकसान की रिपोर्ट दर्ज कराएं।

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