खेत में दिख रहे हैं ये बदलाव? हो सकता है दीमक कर रही हो फसल पर हमला

खेत में दिख रहे हैं ये बदलाव? हो सकता है दीमक कर रही हो फसल पर हमला
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Kisaan Helpline

Agriculture
Jun 20, 2026

खेती में अच्छी पैदावार के लिए केवल सिंचाई और खाद प्रबंधन ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि फसल की नियमित निगरानी भी उतनी ही जरूरी है। कई बार कुछ कीट बिना दिखाई दिए फसल को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाना शुरू कर देते हैं। इनमें दीमक सबसे खतरनाक कीटों में से एक मानी जाती है। यह जमीन के भीतर रहकर पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंचाती है, जिससे फसल धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसान समय रहते दीमक के शुरुआती संकेतों को पहचान लें, तो फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है। हालांकि अधिकांश मामलों में किसान तब तक समस्या को नहीं समझ पाते, जब तक नुकसान स्पष्ट रूप से दिखाई देने न लगे।

पौधों का पीला पड़ना हो सकता है पहला संकेत

यदि खेत के किसी हिस्से में पौधे अचानक पीले पड़ने लगें, उनकी बढ़वार रुक जाए या वे सामान्य पौधों की तुलना में कमजोर दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। दीमक जड़ों को नुकसान पहुंचाकर पौधों तक पानी और पोषक तत्वों की आपूर्ति प्रभावित कर देती है। इसके कारण पौधे धीरे-धीरे मुरझाने लगते हैं और उनकी वृद्धि पर असर पड़ता है।

मिट्टी में बदलाव भी देता है चेतावनी

दीमक की सक्रियता का असर मिट्टी पर भी दिखाई दे सकता है। खेत के कुछ हिस्सों में यदि मिट्टी असामान्य रूप से सूखी नजर आए, दरारें बनने लगें या पौधे बिना किसी स्पष्ट कारण के झुकने लगें, तो इसकी जांच आवश्यक है। प्रभावित पौधों को उखाड़कर देखने पर उनकी जड़ें कमजोर, कटी हुई या खोखली मिल सकती हैं।

मिट्टी की सुरंगें और ढेरियां हैं महत्वपूर्ण संकेत

विशेषज्ञ बताते हैं कि दीमक जमीन के ऊपर आने-जाने के लिए मिट्टी की पतली सुरंगें बनाती है। यदि खेत की मेड़ों, पेड़ों के तनों, सूखी लकड़ियों या फसल के आसपास मिट्टी की बारीक लाइनें या छोटी-छोटी ढेरियां दिखाई दें, तो यह दीमक की मौजूदगी का संकेत हो सकता है। ऐसे संकेत मिलने पर खेत की तुरंत जांच करना जरूरी है।

फसल अवशेषों में भी छिपा हो सकता है खतरा

खेत में पड़ी सूखी घास, पुराने फसल अवशेष और गोबर के ढेर दीमक के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करते हैं। इन स्थानों की जांच के दौरान यदि सफेद रंग के छोटे कीट दिखाई दें, तो यह दीमक की बढ़ती गतिविधियों का संकेत हो सकता है।

समय पर पहचान से बच सकती है फसल

कृषि जानकारों का कहना है कि दीमक का प्रभाव शुरुआत में सीमित दिखाई देता है, लेकिन समय पर नियंत्रण नहीं होने पर यह बड़े क्षेत्र में फैल सकती है। इसलिए किसानों को खेत का नियमित निरीक्षण करना चाहिए और किसी भी असामान्य बदलाव को गंभीरता से लेना चाहिए। समय रहते पहचान और उचित प्रबंधन अपनाकर फसल को भारी नुकसान से बचाया जा सकता है।

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