गेहूं-चना ही नहीं, 6 रबी फसलों की MSP बढ़ी: कुसुम और सरसों में सबसे ज्यादा इजाफा, जानें नई दरें

गेहूं-चना ही नहीं, 6 रबी फसलों की MSP बढ़ी: कुसुम और सरसों में सबसे ज्यादा इजाफा, जानें नई दरें
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Kisaan Helpline

Agriculture
Oct 01, 2026

रबी फसल सत्र 2027-28 के लिए छह प्रमुख फसलों की MSP बढ़ाई गई है। गेहूं ₹2,610, चना ₹5,958, जौ ₹2,286, मसूर ₹7,390, सरसों ₹6,613 और कुसुम ₹7,215 प्रति क्विंटल हो गई है। सबसे ज्यादा ₹675 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कुसुम की MSP में हुई है।


रबी फसल MSP 2027-28: रबी की बुवाई का समय नजदीक है और इसी बीच किसानों के लिए काम की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड-सरसों और कुसुम की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ा दी है।

 

इस बार सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम की MSP में ₹675 प्रति क्विंटल हुई है। इसके बाद सरसों में ₹413 और मसूर में ₹390 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। गेहूं की MSP में ₹25 और चने में ₹83 प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ है।

 

रबी की बुवाई शुरू करने से पहले किसानों के लिए यह जानना जरूरी है कि किस फसल का नया समर्थन मूल्य कितना है और पिछले साल के मुकाबले कितनी बढ़ोतरी हुई है।

रबी फसलों की नई MSP कितनी हुई?

 

सरकार ने रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए छह प्रमुख फसलों की MSP इस तरह तय की है:

रबी फसल

2026-27 की MSP

2027-28 की नई MSP

बढ़ोतरी

गेहूं

₹2,585/क्विंटल

₹2,610/क्विंटल

₹25

जौ

₹2,150/क्विंटल

₹2,286/क्विंटल

₹136

चना

₹5,875/क्विंटल

₹5,958/क्विंटल

₹83

मसूर

₹7,000/क्विंटल

₹7,390/क्विंटल

₹390

रेपसीड-सरसों

₹6,200/क्विंटल

₹6,613/क्विंटल

₹413

कुसुम

₹6,540/क्विंटल

₹7,215/क्विंटल

₹675


कुसुम की MSP में सबसे बड़ी बढ़ोतरी

 

इस बार छह रबी फसलों में कुसुम की MSP सबसे ज्यादा बढ़ी है।

 

कुसुम की MSP पहले ₹6,540 प्रति क्विंटल थी। अब इसे बढ़ाकर ₹7,215 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। यानी इसमें ₹675 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।

 

कुसुम की खेती खासकर कम पानी वाले और कुछ कम उपजाऊ क्षेत्रों में की जाती है। सरकार ने भी इसकी खेती को बढ़ावा देने के पीछे ऐसे क्षेत्रों में तिलहन उत्पादन को बढ़ाने का उद्देश्य बताया है।

 

सरसों की MSP में ₹413 का इजाफा

 

रबी सीजन में सरसों की खेती करने वाले किसानों के लिए भी यह अहम बदलाव है।

 

रेपसीड और सरसों की MSP ₹6,200 से बढ़कर ₹6,613 प्रति क्विंटल हो गई है। यानी किसानों को घोषित समर्थन मूल्य के स्तर पर ₹413 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी मिली है।

 

सरकार ने सरसों और रेपसीड की MSP बढ़ाने को देश में तिलहन उत्पादन बढ़ाने और खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा से भी जोड़ा है।

 

मसूर की MSP भी बढ़ी

 

दलहन किसानों के लिए मसूर की MSP भी बढ़ाई गई है।

 

पहले मसूर की MSP ₹7,000 प्रति क्विंटल थी। अब इसे ₹7,390 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। यानी ₹390 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।

 

अगर किसान इस रबी सीजन में मसूर की खेती करने की सोच रहे हैं, तो उन्हें MSP के साथ अपने इलाके की मिट्टी, पानी, बीज की कीमत और स्थानीय मंडी की स्थिति भी देखनी चाहिए।

 

जौ की MSP अब ₹2,286

 

गेहूं के साथ कई किसान जौ की खेती भी करते हैं। इस बार सरकार ने जौ की MSP में ₹136 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है।

 

जौ की MSP अब ₹2,286 प्रति क्विंटल हो गई है, जबकि पिछले रबी विपणन सत्र में यह ₹2,150 प्रति क्विंटल थी।

 

सरकार ने जौ को कम पानी में तैयार होने वाली फसल बताते हुए इसके उत्पादन को बढ़ावा देने की बात भी कही है।

 

चने की MSP कितनी बढ़ी?

 

चना रबी सीजन की प्रमुख दलहन फसलोंदलहन फसलों में शामिल है। इस बार चने की MSP में ₹83 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।

 

2026-27 MSP: ₹5,875 प्रति क्विंटल

2027-28 MSP: ₹5,958 प्रति क्विंटल

बढ़ोतरी: ₹83 प्रति क्विंटल

 

इसलिए चने की खेती की योजना बना रहे किसानों के लिए नई MSP को खेती की कुल लागत और स्थानीय बाजार भाव के साथ देखना जरूरी है।

 

गेहूं की MSP में ₹25 की बढ़ोतरी

 

गेहूं की MSP में इस बार बाकी फसलों के मुकाबले कम बढ़ोतरी हुई है।

 

गेहूं की MSP ₹2,585 से बढ़कर ₹2,610 प्रति क्विंटल हो गई है। यानी इसमें ₹25 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।

 

देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में रबी की बुवाई को देखते हुए किसानों के लिए यह नई दर महत्वपूर्ण है। हालांकि, गेहूं की खेती का फैसला केवल MSP देखकर नहीं करना चाहिए।

किसान के लिए सबसे जरूरी बात: MSP बढ़ने का मतलब क्या है?

 

यहां एक बात समझना बहुत जरूरी है। MSP सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसान को हर मंडी में हर स्थिति में उसी भाव पर अपनी फसल बेचने की गारंटी मिल जाएगी।

 

किसान को फसल बेचते समय अपने इलाके की मंडी, सरकारी खरीद केंद्र, फसल की गुणवत्ता और उस समय के बाजार भाव की जानकारी भी देखनी चाहिए।

 

इसलिए रबी की फसल चुनते समय केवल यह न देखें कि “किस फसल की MSP सबसे ज्यादा है?” बल्कि यह भी देखें कि आपके खेत में कौन सी फसल अच्छी होगी और उसकी लागत कितनी आएगी।

 

रबी की फसल चुनने से पहले किसान ये 6 बातें देखें

 

1. मिट्टी: आपके खेत की मिट्टी किस फसल के लिए उपयुक्त है?

 

2. पानी: सिंचाई की सुविधा कितनी है?

 

3. लागत: बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और कटाई पर कितना खर्च आएगा?

 

4. मौसम: आपके क्षेत्र में उस फसल के लिए मौसम अनुकूल है या नहीं?

 

5. मंडी: फसल बेचने के लिए आसपास खरीद केंद्र या मंडी की सुविधा कैसी है?

 

6. बाजार भाव: MSP के साथ पिछले दिनों के स्थानीय मंडी भाव भी जरूर देखें।

 

यानी किसान को MSP + लागत + उत्पादन + बाजार, चारों का हिसाब लगाकर फसल का चुनाव करना चाहिए।

 

सरकार ने MSP बढ़ाने के पीछे क्या बताया?

 

केंद्र सरकार के अनुसार रबी विपणन सत्र 2027-28 में घोषित MSP में अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के मुकाबले 50% से 106% तक का अंतर रखा गया है। सरकार के आंकड़ों में गेहूं के लिए 106%, रेपसीड-सरसों के लिए 96% और मसूर के लिए 92% का अंतर बताया गया है।

 

सरकार ने दलहन और तिलहन का उत्पादन बढ़ाने, जौ की खेती को प्रोत्साहित करने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने को भी इस फैसले से जोड़ा है।

 

किसानों के लिए सीधी बात

 

रबी सीजन 2027-28 के लिए छह प्रमुख फसलों की MSP बढ़ाई गई है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम में ₹675 प्रति क्विंटल हुई है। इसके बाद सरसों में ₹413 और मसूर में ₹390 की बढ़ोतरी हुई है।

 

गेहूं की नई MSP ₹2,610, चना ₹5,958, जौ ₹2,286, मसूर ₹7,390, सरसों ₹6,613 और कुसुम ₹7,215 प्रति क्विंटल तय की गई है।

 

अब रबी की बुवाई से पहले किसान अपने खेत की मिट्टी, पानी, खेती की लागत और स्थानीय बाजार को ध्यान में रखकर फसल का चुनाव करें। सिर्फ MSP बढ़ने की खबर देखकर किसी फसल का रकबा बढ़ाना जरूरी नहीं है।

यह खबर खास तौर पर मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात और अन्य रबी फसल उत्पादक राज्यों के किसानों के लिए उपयोगी है।

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

 

2027-28 में गेहूं की MSP कितनी है?

 

रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए गेहूं की MSP ₹2,610 प्रति क्विंटल तय की गई है।

 

2027-28 में चने की MSP कितनी है?

 

चना की नई MSP ₹5,958 प्रति क्विंटल है। इसमें ₹83 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।

 

इस बार किस फसल की MSP सबसे ज्यादा बढ़ी?

 

छह रबी फसलों में कुसुम की MSP में सबसे ज्यादा ₹675 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।

 

सरसों की नई MSP कितनी है?

 

रेपसीड और सरसों की नई MSP ₹6,613 प्रति क्विंटल है।

 

मसूर की नई MSP क्या है?

 

मसूर की MSP बढ़कर ₹7,390 प्रति क्विंटल हो गई है।

 

कुसुम की नई MSP कितनी है?

 

कुसुम की नई MSP ₹7,215 प्रति क्विंटल है। इसमें ₹675 की बढ़ोतरी हुई है।

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