PM Kisan Samman Nidhi Yojana के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है। लेकिन हाल के समय में बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां किसानों की किस्त तकनीकी कारणों से रुक गई है।
यदि आपके खाते में भी इस बार किस्त नहीं पहुंची है, तो यह जरूरी नहीं कि आप योजना से बाहर हो गए हैं। अधिकतर मामलों में समस्या केवल रिकॉर्ड या वेरिफिकेशन से जुड़ी होती है। सरकार ने ऐसे किसानों को अपनी जानकारी सुधारने के लिए 30 अप्रैल तक का समय दिया है। इस अवधि में सुधार करने पर रुकी हुई किस्त जारी की जा सकती है।
किस्त रुकने के पीछे आमतौर पर तीन मुख्य कारण होते हैं, जिन्हें समझना और समय रहते ठीक करना जरूरी है।
सरकार ने योजना में पारदर्शिता लाने और फर्जी लाभार्थियों को हटाने के लिए e-KYC अनिवार्य कर दिया है। जिन किसानों का e-KYC पूरा नहीं होता, उनकी किस्त अपने आप रोक दी जाती है।
e-KYC दो तरीकों से किया जा सकता है:
OTP के माध्यम से (मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना चाहिए)
बायोमेट्रिक के माध्यम से (CSC केंद्र पर)
अगर आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, तो OTP आधारित e-KYC नहीं हो पाएगा और आपको बायोमेट्रिक तरीका अपनाना होगा।
योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलता है जिनके नाम पर कृषि योग्य भूमि दर्ज है। कई राज्यों में भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से अपडेट किया जा रहा है। अगर आपके नाम से जमीन का रिकॉर्ड पोर्टल पर अपडेट नहीं है या सत्यापित नहीं हुआ है, तो सिस्टम आपको अपात्र मान सकता है और भुगतान रोक सकता है।
इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपके नाम की जमीन संबंधित विभाग द्वारा सत्यापित और पोर्टल से लिंक हो।
यह सबसे आम समस्या है।
आधार कार्ड में नाम और आवेदन में नाम अलग होना
बैंक खाता आधार से लिंक न होना
DBT सक्रिय न होना
IFSC कोड बदल जाने के बाद अपडेट न करना
इनमें से कोई भी गलती होने पर बैंक भुगतान को रिजेक्ट कर सकता है और राशि वापस चली जाती है। खास ध्यान रखें कि नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि और अन्य विवरण सभी जगह एक जैसे हों।
कई बार किसान आवेदन करते समय जेंडर, कैटेगरी या पता गलत भर देते हैं। यह गलती वेरिफिकेशन के दौरान सामने आती है और आवेदन लंबित हो जाता है। अच्छी बात यह है कि किसान अपनी जानकारी खुद भी अपडेट कर सकते हैं या जन सेवा केंद्र की मदद ले सकते हैं।
सरकार ने लंबित मामलों को निपटाने के लिए 30 अप्रैल तक का समय तय किया है। इस तारीख तक यदि किसान अपनी सभी जानकारी सही कर लेते हैं, तो उनकी रुकी हुई किस्त जारी की जा सकती है। अगर समय पर सुधार नहीं किया गया, तो अगली किस्त मिलने में भी देरी हो सकती है।
समय-समय पर अपनी जानकारी की जांच करते रहें
e-KYC जरूर पूरा करें
बैंक खाते को आधार और DBT से लिंक रखें
किसी भी बदलाव के बाद तुरंत अपडेट करें
पीएम किसान योजना का लाभ तभी मिलता है जब सभी रिकॉर्ड सही और अपडेट हों। छोटी-सी गलती भी आपके पैसे को रोक सकती है। इसलिए 30 अप्रैल से पहले सभी जरूरी सुधार करना बेहद जरूरी है, ताकि आपकी मेहनत की कमाई समय पर आपके खाते में पहुंच सके।
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