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मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम लगातार करवट बदल रहा है। बीते कुछ दिनों तक जहां बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों और किसानों की परेशानी बढ़ाई, वहीं अब प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छा गया है। बुधवार सुबह ग्वालियर-चंबल अंचल सहित प्रदेश के करीब 20 से अधिक जिलों में हल्के से लेकर घने कोहरे का असर देखने को मिला, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
सुबह की धुंध ने थामी रफ्तार
राजधानी भोपाल से लेकर इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जैसे जिलों में सुबह-सुबह दृश्यता काफी कम रही। कई जगहों पर वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर और धीमी गति से सफर करना पड़ा। स्कूल जाने वाले बच्चों और ऑफिस जाने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
फिलहाल बारिश से राहत, लेकिन ज्यादा दिन नहीं
मौसम के ताजा हालात के अनुसार बुधवार और गुरुवार को प्रदेश में बारिश या ओलावृष्टि का कोई अलर्ट नहीं है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत ज्यादा समय तक रहने वाली नहीं है। 5 फरवरी से एक नया मौसम तंत्र सक्रिय होने जा रहा है, जिससे एक बार फिर प्रदेश में मावठे का असर देखने को मिल सकता है।
अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम
5 फरवरी: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में घना कोहरा छाने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और आसपास के जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे का असर रह सकता है।
6 फरवरी: अधिकांश जिलों में सुबह के समय कोहरा बना रहेगा। फिलहाल बारिश या ओलों का कोई ताजा अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
10 फरवरी तक फिर बिगड़ सकता है मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 5 फरवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। अनुमान है कि 10 फरवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है। इससे पहले मंगलवार को प्रदेश के 22 से ज्यादा जिलों में बारिश, ओले, तेज हवा और बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं।
किसानों और आम लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें और खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था रखें। वहीं आम लोगों से अपील की गई है कि कोहरे के दौरान सुबह और देर रात यात्रा करने से बचें या पूरी सावधानी बरतें। वाहन चलाते समय धीमी गति, फॉग लाइट और सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है।
मध्य प्रदेश में मौसम का यह उतार-चढ़ाव अभी कुछ दिन और जारी रह सकता है। ऐसे में सतर्क रहना ही सबसे बेहतर विकल्प है।
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