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Monsoon Farming
Tips: बारिश रुकने के बाद खेत में काम शुरू करने की जल्दबाजी किसान की नई फसल और मिट्टी, दोनों को नुकसान पहुंचा सकती है। गीली मिट्टी में ट्रैक्टर चलाना, बिना नमी देखे सिंचाई करना और खेत में जमा पानी को नजरअंदाज करना आगे चलकर परेशानी बढ़ा सकता है। इसलिए बारिश के बाद पहले खेत की स्थिति समझें और फिर कोई काम करें।
बारिश के बाद किसान को सबसे पहले क्या देखना चाहिए?
बारिश थमने के बाद खेत में पहुंचते ही काम शुरू करने के बजाय पहले फसल और मिट्टी को देखें।
जांचें कि खेत में कहीं पानी जमा तो नहीं है, मिट्टी कितनी गीली है और नई फसल के पौधों की स्थिति कैसी है। अगर खेत बहुत गीला है तो कुछ समय रुकना बेहतर है।
खासकर नई बोई गई फसल में पौधे और उनकी जड़ें इस समय संवेदनशील होती हैं। ऐसे में जल्दबाजी से किया गया काम नुकसान बढ़ा सकता है।
1. गीली
मिट्टी में ट्रैक्टर न चलाएं
बारिश के तुरंत बाद अगर मिट्टी बहुत गीली है, तो खेत में भारी ट्रैक्टर या मशीन लेकर न जाएं। भारी मशीन के वजन से मिट्टी दब सकती है। इससे मिट्टी में हवा और पानी के आने-जाने की जगह कम हो जाती है। इसका असर पौधों की जड़ों की बढ़वार पर पड़ सकता है। नई फसल लगी है तो मशीन के पहियों से पौधे टूटने या दबने का खतरा भी रहता है। मिट्टी को थोड़ा सूखने दें और उसकी स्थिति देखकर ही मशीन से काम करें।
2. खेत
में पानी जमा हो तो उसे नजरअंदाज न करें
तेज बारिश के बाद खेत के निचले हिस्सों में पानी जमा होना आम बात है। लेकिन पानी अगर लंबे समय तक खड़ा रहता है तो पौधों की जड़ों तक पर्याप्त हवा नहीं पहुंच पाती। इससे जड़ें कमजोर हो सकती हैं और सड़न या फफूंद से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
अगर खेत में जरूरत से ज्यादा पानी जमा है तो अतिरिक्त पानी की निकासी का इंतजाम करें। जहां हर बारिश में पानी रुकता है, वहां स्थायी जल निकासी व्यवस्था पर भी ध्यान दें।
3. बारिश के तुरंत बाद सिंचाई न करें
बारिश रुकने के बाद अपनी सामान्य सिंचाई की तारीख देखकर तुरंत खेत में पानी देना भी सही नहीं है।
बारिश के कारण मिट्टी में पहले से पर्याप्त नमी हो सकती है। ऐसे में दोबारा सिंचाई करने से खेत में जरूरत से ज्यादा पानी जमा हो सकता है।
इसलिए पहले मिट्टी की नमी जांचें। जब फसल को वास्तव में पानी की जरूरत हो, तभी सिंचाई करें।
4. बारिश
के बाद खरपतवार पर रखें नजर
बारिश के बाद खेत में नमी बढ़ने से खरपतवार भी तेजी से उग सकते हैं। ये मुख्य फसल के साथ पानी, पोषक तत्व और जगह के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं।
इसलिए बारिश के कुछ दिन बाद खेत का निरीक्षण जरूर करें।
लेकिन खरपतवार देखते ही कोई भी दवा न डालें। पहले यह पहचानें कि खेत में कौन-से खरपतवार हैं और फसल किस अवस्था में है। गलत दवा या गलत मात्रा से मुख्य फसल को भी नुकसान पहुंच सकता है।
बारिश के बाद खेत की ऐसे करें जांच
किसान इन बातों पर खास ध्यान दें:
·
खेत में पानी जमा है या नहीं।
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मिट्टी बहुत गीली है या काम करने लायक हो गई है।
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नई फसल के पौधे सुरक्षित हैं या नहीं।
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कहीं पौधे टूटे या दबे तो नहीं हैं।
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खरपतवार कितनी मात्रा में उगे हैं।
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पत्तियों पर पीलापन या रोग के लक्षण तो नहीं हैं।
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अगली सिंचाई की वास्तव में जरूरत है या नहीं।
किसान के लिए सीधी सलाह
बारिश रुकने के बाद खेत में काम करने से पहले खेत को समझना जरूरी है।
अगर मिट्टी बहुत गीली है तो ट्रैक्टर रोकें। पानी जमा है तो निकासी करें। मिट्टी में पर्याप्त नमी है तो सिंचाई न करें और खरपतवार के लिए भी बिना पहचान के दवा का इस्तेमाल न करें। याद रखें, बारिश के बाद की थोड़ी सावधानी फसल, मिट्टी और खेती की लागत—तीनों को बचा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बारिश के कितने समय बाद खेत में ट्रैक्टर चलाना चाहिए?
इसका कोई एक निश्चित समय नहीं है। मिट्टी के पर्याप्त सूखने और मशीन का भार सहने लायक होने पर ही ट्रैक्टर चलाना चाहिए।
क्या बारिश के तुरंत बाद सिंचाई करनी चाहिए?
नहीं। पहले मिट्टी की नमी देखें। अगर खेत में पर्याप्त नमी है तो तुरंत सिंचाई की जरूरत नहीं है।
बारिश के बाद खेत में पानी जमा हो जाए तो क्या करें?
लंबे समय तक पानी जमा रहने से बचाने के लिए जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पानी की निकासी करें।
बारिश के बाद खरपतवार क्यों बढ़ जाते हैं?
बारिश के बाद मिट्टी में नमी बढ़ जाती है, जिससे कई खरपतवार तेजी से अंकुरित और बढ़ने लगते हैं।
क्या बारिश के तुरंत बाद जुताई कर सकते हैं?
अगर मिट्टी बहुत गीली है तो जुताई से बचें। इससे मिट्टी दब सकती है और उसकी संरचना खराब हो सकती है।
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