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बारिश के बाद मक्का में नमी बढ़ने से फॉल आर्मीवर्म, तना छेदक और शूट फ्लाई जैसे कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है। किसान पत्तियों में छेद, बीच की पत्ती का सूखना और पौधों की कमजोर बढ़वार जैसे लक्षणों पर नजर रखें। कीट की सही पहचान के बाद ही कृषि विशेषज्ञ की सलाह से उचित नियंत्रण उपाय अपनाएं।
बारिश के बाद मक्का में कीट क्यों बढ़ते हैं?
बारिश के बाद खेत में नमी बढ़ जाती है और मौसम कुछ समय तक नम बना रहता है। ऐसी स्थिति में कई कीटों के लिए वातावरण अनुकूल हो सकता है।
शुरुआत में कीटों का असर बहुत कम दिखाई देता है। पत्तियों पर एक-दो छोटे छेद देखकर किसान अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कुछ दिनों बाद नुकसान तेजी से बढ़ सकता है।
इसलिए बारिश के बाद खेत का चक्कर लगाएं और सिर्फ ऊपर की पत्तियों को नहीं, बल्कि नई पत्तियों, पौधे के बीच वाले हिस्से और तने को भी ध्यान से देखें।
फॉल आर्मीवर्म से रहें सावधान
मक्का में फॉल आर्मीवर्म यानी अमेरिकन सुंडी फसल को नुकसान पहुंचाने वाला प्रमुख कीट हो सकता है। यह खास तौर पर मक्का की नरम और नई पत्तियों को खाता है।
अगर पत्तियों पर अलग-अलग आकार के नए छेद दिखाई दे रहे हैं और पौधे के बीच की नई पत्तियों में कीट का मल जैसा कचरा नजर आ रहा है, तो पौधे को ध्यान से जांचें। शुरुआत में कीट की पहचान हो जाए तो किसान समय रहते उचित प्रबंधन कर सकते हैं।
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फॉल आर्मीवर्म की पहचान में इन बातों पर ध्यान दें
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नई पत्तियों में छेद दिखाई देना।
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पत्तियों का कटा हुआ नजर आना।
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पौधे के बीच गंदगी या कीट का मल दिखना।
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नई पत्तियों पर कीट या उसकी सुंडी नजर आना।
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तना छेदक से भी बचाएं फसल
बारिश के बाद मक्का में तना छेदक की समस्या भी सामने आ सकती है। यह पौधे के अंदर जाकर तने को नुकसान पहुंचाता है।
इससे पौधे की बढ़वार रुक सकती है। कई बार पौधे के बीच की पत्ती सूखने लगती है। अगर एक ही जगह कई पौधों में ऐसी समस्या दिखाई दे रही है तो उसे सामान्य न समझें।
पौधे के तने और बीच वाले हिस्से की जांच करें और समस्या दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।
छोटी फसल में शूट फ्लाई का खतरा
मक्का की शुरुआती अवस्था में शूट फ्लाई भी पौधों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसका असर पौधे की बढ़वार पर दिखाई देता है। अगर कुछ पौधे बाकी फसल की तुलना में कमजोर या छोटे रह गए हैं और उनकी बीच वाली पत्ती सूखती नजर आ रही है, तो ऐसे पौधों की जांच जरूर करें।
खेत में ज्यादा खरपतवार होने पर कीटों को छिपने की जगह मिल सकती है। इसलिए खेत और आसपास की जगह को साफ रखना भी जरूरी है।
बारिश के बाद किसान ऐसे करें फसल की जांच
बारिश रुकने के बाद खेत की निगरानी करना सबसे जरूरी कामों में से एक है। इसके लिए केवल खेत के किनारे के पौधों को न देखें। अलग-अलग हिस्सों से कुछ पौधे चुनकर उनकी जांच करें।
इन चीजों पर खास ध्यान दें:
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पत्तियों पर नए छेद तो नहीं हैं।
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नई पत्तियां सामान्य तरीके से निकल रही हैं या नहीं।
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पौधे के बीच की पत्तियों में गंदगी या कीट तो नहीं है।
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पौधों की बढ़वार कहीं अचानक कमजोर तो नहीं पड़ रही।
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तने में छेद या नुकसान तो नहीं दिख रहा।
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खेत में कहीं पानी जमा तो नहीं है।
अगर किसी एक हिस्से में लगातार कई पौधों में एक जैसे लक्षण दिखाई दें तो उस हिस्से की विशेष रूप से जांच करें।
कीट दिखते ही दवा डालना सही तरीका नहीं
किसान अक्सर कीट दिखाई देते ही दवा का छिड़काव कर देते हैं। लेकिन हर कीट के लिए एक ही दवा काम नहीं करती।
इसलिए पहले कीट की सही पहचान करें। बिना जानकारी के दवा डालने से खेती का खर्च बढ़ सकता है और मनचाहा परिणाम भी नहीं मिल सकता।
जरूरत पड़ने पर स्थानीय कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग से सलाह लेकर ही उचित दवा और उसकी मात्रा तय करें। दवा का इस्तेमाल हमेशा लेबल पर दिए निर्देशों और स्थानीय कृषि सलाह के अनुसार करें।
पानी भी ज्यादा देर खेत में न रुकने दें
बारिश के बाद सिर्फ कीटों पर नजर रखना ही काफी नहीं है। अगर खेत में लंबे समय तक पानी जमा रहता है तो पौधों की जड़ों पर भी असर पड़ सकता है।
इसलिए खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें। साथ ही खरपतवार को नियंत्रित करें, ताकि फसल को पर्याप्त हवा और जगह मिल सके।
किसान के लिए जरूरी सलाह
बारिश के बाद मक्का की फसल को कुछ दिनों तक नियमित निगरानी की जरूरत होती है। पत्तियों में छोटे छेद, बीच की पत्ती का सूखना या पौधों की अचानक कमजोर बढ़वार जैसे संकेतों को नजरअंदाज न करें।
कीट की शुरुआत में पहचान होने पर किसान समय रहते सही कदम उठा सकते हैं और अनावश्यक दवा व खर्च से भी बच सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बारिश
के बाद
मक्का में
कौन से
कीट बढ़
सकते हैं?
बारिश के बाद मक्का में फॉल आर्मीवर्म, तना छेदक और शुरुआती अवस्था में शूट फ्लाई जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं।
फॉल आर्मीवर्म
की पहचान
कैसे करें?
नई पत्तियों में छेद, कटी हुई पत्तियां और पौधे के बीच की पत्तियों में कीट का मल जैसा कचरा इसके प्रमुख संकेत हो सकते हैं।
मक्का
में तना
छेदक का
असर कैसे
पहचानें?
पौधे की बढ़वार कमजोर पड़ना और बीच की पत्ती का सूखना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे पौधे के तने की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए।
क्या कीट
दिखते ही
दवा का
छिड़काव कर
देना चाहिए?
नहीं। पहले कीट की सही पहचान करना जरूरी है। इसके बाद स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार उचित उपाय अपनाना बेहतर है।
बारिश
के बाद
मक्का के
खेत में
सबसे पहले
क्या देखें?
पत्तियों में नए छेद, नई पत्तियों की स्थिति, पौधे के बीच की गंदगी, तने को नुकसान और खेत में पानी जमा होने की स्थिति जरूर देखें।
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