Social Share:
मिट्टी परीक्षण के प्रति किसानों को जागरूक कर रहा है किसान हेल्पलाइन
मिट्टी परीक्षण के प्रति किसानों को जागरूक कर रहा है किसान हेल्पलाइन

Soil Testing: अच्छी उपज की योजना मिट्टी परीक्षण से ही संभव है, यह भी संभव हो सकता है कि किसी एक तत्व या तत्वों की मात्रा पर्याप्त हो। लेकिन किसान उस तत्व या तत्वों का सामान्य मात्रा में लगातार प्रयोग करते रहते हैं। ऐसा करना न केवल आर्थिक दृष्टि से हानिकारक हो सकता है। बल्कि तत्वों के आपसी असंतुलन की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। जिसका पौधों की उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। मृदा परीक्षण से ही अच्छी उपज की योजना संभव है।

अब मिट्टी को समझना मुश्किल है
मिट्टी की बनावट बहुत जटिल होती है। कोई भी किसान अपने वर्षों के अनुभव के बावजूद अपने खेत की उपजाऊ शक्ति का सही अनुमान नहीं लगा सकता है। अक्सर किसी पोषक तत्व की कमी मिट्टी में धीरे-धीरे बढ़ती है। जब तक पौधों पर कमी के लक्षण दिखाई देते हैं, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। इसका विपरीत असर फसल की उपज पर पड़ा है। फसल की उपज कम हो जाती है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

आवश्यक सभी पोषक तत्व
मिट्टी पोषक तत्वों का भंडार है। जो पौधों को सीधा खड़ा होने में मदद करता है। पौधों को अपना जीवन चक्र पूरा करने के लिए 16 पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। जिसमें मुख्य तत्व कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम हैं। सूक्ष्म तत्व जस्ता, मैंगनीज, तांबा, लोहा, बोरॉन, मोलिब्डेनम और क्लोरीन हैं। इन सभी तत्वों का संतुलित मात्रा में उपयोग करने से ही उपयुक्त उपज प्राप्त की जा सकती है।

मिट्टी परिक्षण से पता चलती है ये जानकारियां
भूमि में नाईट्रोजन फॉस्फोरस, पोटाश आदि तत्वों और लवणों की मात्रा और पीएच मान का पता चलता है। भूमि की भौतिक बनावट मालूम होती है। जो फसल हम बोने जा रहे हैं उसमें खादों की कितनी-कितनी मात्रा डालना आवश्यक होगा। भूमि में किसी भूमि सुधारक रसायन जैसे कि ऊसर भूमि के लिए जिप्सम, फॉस्फोजिप्सम या पाइराईट्स और अम्लीय भूमि में चूने की आवश्यकता है या नहीं ? यदि है तो किसी भूमि सुधारक की कितनी मात्रा डालनी चाहिए ?

किसान हेल्पलाइन द्वारा किया जा रहा किसानों को प्रेरित
किसान हेल्पलाइन के द्वारा मंदसौर जिले में किसानों को मिट्टी परीक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिले में दलौदा मंडी प्रांगण में मिट्टी परीक्षण प्रयोग शाला खोली गई है, और किसानो को मिट्टी परिक्षण के बारे में जानकारी प्रदान की जा रही है।