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बेहतर उत्पादन के लिए इन फसलों को काली मिट्टी में बोएं
बेहतर उत्पादन के लिए इन फसलों को काली मिट्टी में बोएं

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि अच्छी फसल के उत्पादन के लिए मिट्टी का चयन और उसकी गुणवत्ता को बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। हम कई तरह की फसलें बोते हैं और सभी फसलों की मिट्टी का महत्व अलग-अलग होता है। मिट्टी कई प्रकार की होती है जैसे काली मिट्टी, लाल मिट्टी, रेतीली मिट्टी, बुलई दोमट मिट्टी भूरी मट्टी और दोमट मिट्टी । आइए जानते हैं कौन सी फसल काली मिट्टी में बोनी चाहिए। 

काली मिट्टी में फसल बोना
काली मिट्टी में हम कई प्रकार की फसलें बो सकते हैं, अच्छी फसल के उत्पादन और पौधे के विकास के लिए काली मिट्टी इन फसलों के लिए उपयोगी होती है, जैसे कपास की बुवाई, धान की बुवाई, चना, अन्य दालों की बुवाई साथ ही  गेहूं, अनाज, चावल, ज्वार, गन्ना, अलसी, सूरजमुखी, मूंगफली, तंबाकू, बाजरा, खट्टे फल, सभी प्रकार की तिलहन फसलों और सब्जियों को मिट्टी में काली बोना चाहिए। काली मिट्टी में बागवानी फसलों की बुवाई भी उपयोगी होती है, जैसे केला, आम और अमरूद आदि को काली मिट्टी में बोना चाहिए। इन फसलों को काली मिट्टी में बोने से हम अच्छी उपज और उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

विशेषता
  • काली मिट्टी में जल धारण करने की समानता अच्छी होती है। 
  • काली मिट्टी पौधों की वृद्धि और विकास के लिए अच्छी होती है। 
  • काली मिट्टी में कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम की अच्छी मात्रा होती है, इसलिए यह फसल के लिए अच्छी होती है।
  • काली मिट्टी में फसल उत्पादन भी अच्छा होता है।

साथ ही किसान भाई अपने खेत की मिट्टी की समय समय पर जाँच करवानी चाहिए और उसमे उपलब्ध पोषक तत्वों की कमी को पूरा करना चाहिए और अपनी फसल  पैदावार बढ़ाना चाहिए।