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खेतों के बिच उड़ता हुआ ड्रोन, ट्रायल के बाद किसान के मन में सवाल, बड़े पोधो में ड्रोन से छिड़काव बेअसर
खेतों के बिच उड़ता हुआ ड्रोन, ट्रायल के बाद किसान के मन में सवाल, बड़े पोधो में ड्रोन से छिड़काव बेअसर

केंद्र सरकार के द्वारा बीते पिछले दिनों में खेती को आसान बनाने के लिए कीटनाशी का छिड़काव के लिए सरकार द्वारा ड्रोन के प्रयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है उसी को ध्यान में रखते हुए किसान भाई अपने खेत में ड्रोन के ट्रायल को करना शुरू कर दिया है ट्रायल के बाद किसान भाई के मन में कई सवाल खड़े हो गए है जिसका जवाब कृषि अधिकारियो के पास भी नहीं है।

ट्रायल के बाद किसान भाई का कहना है की इसका प्रयोग पूरी तरह कारगर नहीं दिख रहा है क्योकि बड़े पौधों पर हम ड्रोन से छिड़काव करते है तो कीटनाशी पौधे की ऊपरी सतह पर ही रह जाती है, जिससे पौधे के तनो तक कोई असर नहीं दिखता है इसको देखते हुए बड़े पौधों पर ड्रोन से दवा का छिड़काव बेअसर हो जाता है साथ ही ड्रोन से फुवारे का फ्रेसर भी बहुत कम होता है, जिसके कारण सही से दवा पौधे में नहीं लगती है। इन्ही सभी कारण को कृषि अधिकारियो ने देखा और जब किसान ने इसका सुझाव पूछा तो इसका सुझाव उनके पास भी नहीं था अधिकारियो का कहना है की ऐसे कुछ सवाल हैं, ज‍िनका जवाब खोजना मौजूदा समय में जरूरी है।

वैसे तो केंद्र सरकार के इस प्रयोग से खेतो में उड़ता हुआ ड्रोन किसानो की खेती को आसान बना देगा यह दिख रहा है लेकिन आम आदमी के लिए ड्रोन का प्रयोग करना भी इस ट्रायल के बाद परेशानी भरा दिख रहा है कोई भी किसान के लिए इसको चलना चुनौती जैसा है वैसे तो इसको कैसे चलाया जाता है इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है और आम आदमी को इसका कैसे लाभ मिले उसके सुझाव खोजे जा रहे है।