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मूंग की कटाई के बाद दानों को साफ तिरपाल या पक्के फर्श पर पतली परत में फैलाकर धूप और हवा में सुखाएं। बीच-बीच में दानों को पलटें और रात में ओस से बचाकर रखें। भंडारण से पहले नमी की जांच करें और सूखे, साफ दानों को नमी रहित और हवादार जगह में रखें।
मूंग की अच्छी फसल तैयार होना किसान के लिए खुशी की बात है, लेकिन कटाई के बाद थोड़ी लापरवाही पूरी मेहनत पर पानी फेर सकती है। खेत से निकली मूंग में अगर नमी ज्यादा रह गई और उसे जल्दबाजी में बोरी या गोदाम में रख दिया गया, तो दानों की गुणवत्ता बिगड़ सकती है। फफूंद, रंग में बदलाव और भंडारण के दौरान खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
इसलिए मूंग की कटाई के बाद सुखाना और सही तरीके से भंडारण करना उतना ही जरूरी है जितना खेत में फसल की देखभाल करना। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद भी मूंग समेत प्रमुख दालों के सुरक्षित भंडारण और भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने के लिए वैज्ञानिक प्रोटोकॉल पर काम कर रहा है।
खेत से निकलते ही मूंग को सुखाना क्यों जरूरी है?
कटाई और मड़ाई के बाद मूंग के दानों में कुछ नमी रह सकती है। अगर ऐसी उपज को सीधे बंद बोरी या नमी वाली जगह में रख दिया जाए, तो दानों के आसपास नमी बढ़ सकती है।
इससे:
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दानों में फफूंद लगने का खतरा बढ़ सकता है
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रंग और चमक खराब हो सकती है
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दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है
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भंडारण के दौरान नुकसान बढ़ सकता है
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बाजार में उपज की गुणवत्ता के कारण बेहतर भाव मिलने में परेशानी हो सकती है
इसलिए कटाई के बाद मूंग को अच्छी तरह सुखाकर ही भंडारण करना चाहिए।
मूंग सुखाने का सही और आसान तरीका
किसान भाई, मूंग को सुखाने के लिए सबसे पहले साफ और सूखी जगह चुनें। इसे सीधे मिट्टी या गीली जमीन पर फैलाने के बजाय साफ तिरपाल या पक्के फर्श का इस्तेमाल करें।
मूंग को बहुत मोटी परत में न फैलाएं। पतली परत में फैलाने से हवा और धूप दानों तक बेहतर तरीके से पहुंचती है। दिन में बीच-बीच में मूंग को पलटते रहें। इससे नीचे और ऊपर के दानों की नमी समान रूप से कम होने में मदद मिलती है।
रात में मूंग को खुले में न छोड़ें
दिनभर धूप में सुखाने के बाद शाम को मूंग को खुले में छोड़ देना सही नहीं है। रात की ओस और हवा में मौजूद नमी से सूखे दाने दोबारा नमी पकड़ सकते हैं।
इसलिए रात में मूंग को सूखी और सुरक्षित जगह पर ढककर रखें। अगले दिन मौसम साफ होने पर फिर से सुखाया जा सकता है।
सिर्फ धूप देखकर तय न करें कि मूंग सूख गई है
कई बार दाने ऊपर से सूखे दिखाई देते हैं, लेकिन उनके अंदर नमी बाकी रह सकती है। इसलिए लंबे समय के भंडारण से पहले दानों की नमी की जांच करना बेहतर है।
भंडारण के लिए दालों की नमी को उचित स्तर तक लाना जरूरी है। लगभग 9–10 प्रतिशत
नमी को कई परिस्थितियों में सुरक्षित भंडारण के लिए उपयुक्त माना जाता है, लेकिन वास्तविक स्तर फसल और भंडारण की अवधि व परिस्थितियों के अनुसार तय किया जाना चाहिए।
अगर संभव हो तो किसान नमी मापक यंत्र से जांच करें। इससे केवल अंदाजे के बजाय सही जानकारी मिल सकती है।
भंडारण से पहले मूंग की सफाई जरूर करें
मूंग अच्छी तरह सूख जाए तो उसे सीधे बोरी में भरने की जल्दबाजी न करें।
पहले:
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मिट्टी और कचरा अलग करें
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टूटे हुए दाने निकालें
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खराब या संक्रमित दाने अलग करें
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दूसरे अनाज के दाने निकालें
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बोरियों को साफ और सूखा रखें
साफ और सूखे दानों को ही भंडारण में रखना बेहतर होता है।
गोदाम या कमरे की सफाई भी उतनी ही जरूरी
किसान अक्सर उपज को सुखाने पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन भंडारण की जगह को नजरअंदाज कर देते हैं। यह गलती नहीं करनी चाहिए। मूंग रखने से पहले गोदाम या कमरे की अच्छी तरह सफाई करें। पुरानी फसल के बचे दाने, कचरा और कीटों के संभावित स्रोत हटा दें।
भंडारण की जगह सूखी, साफ और हवादार होनी चाहिए। बोरियों को सीधे फर्श पर रखने के बजाय फर्श से ऊपर रखने की व्यवस्था करना भी नमी से बचाव में मदद कर सकता है।
ICAR के अनुसार दालों के लंबे समय के भंडारण में मात्रा और गुणवत्ता बनाए रखना महत्वपूर्ण है और इसके लिए वैज्ञानिक भंडारण प्रोटोकॉल विकसित किए जा रहे हैं।
बारिश वाले मौसम में और ज्यादा सावधानी
अगर मूंग की कटाई के समय बारिश या बादल का मौसम है, तो किसान को सुखाने की व्यवस्था पहले से करनी चाहिए।
ऐसे मौसम में केवल कुछ घंटों की धूप देखकर मूंग को बोरी में भर देना ठीक नहीं है। जब तक दानों की नमी सुरक्षित स्तर तक न आ जाए, तब तक भंडारण में जल्दबाजी न करें।
बाहर से सूखा दिखाई देने वाला दाना अंदर से नम हो सकता है।
किसान भाई इन गलतियों से बचें
1. गीली मूंग को तुरंत बोरी में न भरें।
2. मूंग को गंदी या नम जमीन पर सीधे न फैलाएं।
3. दानों को सुखाते समय बीच-बीच में पलटते रहें।
4. रात में मूंग को खुले में न छोड़ें।
5. लंबे समय के भंडारण से पहले नमी की जांच करें।
6. खराब और स्वस्थ दानों को मिलाकर न रखें।
7. नमी वाले कमरे या गोदाम में उपज न रखें।
किसान के लिए सीधी बात
मूंग की फसल खेत से निकलने के बाद भी किसान की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। सही सुखाने और सुरक्षित भंडारण से उपज की गुणवत्ता बचाने में मदद मिलती है।
इसलिए मूंग की कटाई के बाद उसे साफ तिरपाल या पक्के फर्श पर पतली परत में फैलाएं, अच्छी तरह सुखाएं, रात की नमी से बचाएं और भंडारण से पहले दानों की नमी जरूर जांचें। अच्छी उपज पैदा करना मेहनत है, लेकिन उसे सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है।
मूंग की कटाई और भंडारण का सही समय राज्य, जिले, मौसम और फसल की स्थिति के अनुसार बदल सकता है। बारिश या अधिक नमी वाले क्षेत्रों में कटाई के बाद सुखाने और भंडारण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। किसान अपने क्षेत्र के कृषि विज्ञान केंद्र या स्थानीय कृषि विशेषज्ञ से भंडारण संबंधी सलाह ले सकते हैं।
ICAR-CIPHET और उपभोक्ता मामले विभाग ने मूंग समेत प्रमुख दालों के भंडारण से होने वाले नुकसान और सुरक्षित भंडारण के मानकों पर अध्ययन के लिए सहयोग किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मूंग की कटाई के बाद सबसे पहले क्या करें?
कटाई और मड़ाई के बाद मूंग को साफ करके सूखी और साफ जगह पर पतली परत में फैलाएं और अच्छी तरह सुखाएं।
मूंग को सुखाने के लिए क्या इस्तेमाल करें?
साफ तिरपाल या पक्का फर्श बेहतर विकल्प है। मूंग को गीली या गंदी जमीन पर सीधे फैलाने से बचें।
क्या मूंग को रात में खुले में रख सकते हैं?
नहीं। ओस और वातावरण की नमी से दानों में दोबारा नमी बढ़ सकती है। रात में इसे ढककर या सूखी जगह पर रखें।
मूंग को भंडारण से पहले कितनी नमी होनी चाहिए?
लगभग 9–10 प्रतिशत
नमी कई परिस्थितियों में सुरक्षित भंडारण के लिए उपयुक्त मानी जाती है, लेकिन फसल और भंडारण की स्थिति के अनुसार उचित स्तर अलग हो सकता है। नमी मापक यंत्र से जांच करना बेहतर है।
मूंग को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?
अच्छी तरह सूखे और साफ दानों को सूखी, साफ और हवादार जगह पर रखें। भंडारण के दौरान नमी और कीटों पर भी नियमित नजर रखें।
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