ड्रोन दीदी की इकोनॉमिक्स: कैसे गांव-स्तर के उद्यमी एक सर्विस मॉडल बना सकते हैं
नमो ड्रोन दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को ड्रोन दीदी के रूप में सशक्त बनाती है ताकि वे किसानों को ड्रोन स्प्रेइंग सेवाएं दे सकें। 2025 के आखिर में सरकार की यह पहल उन्हें कम लागत और कृषि ड्रोन सेवाओं से अच्छी कमाई के साथ बिजनेस शुरू करने में मदद करती है।
ड्रोन दीदी योजना क्या है?
ड्रोन दीदी नमो ड्रोन दीदी के तहत केंद्र सरकार की एक योजना है जो महिलाओं के सेल्फ-हेल्प ग्रुप (SHG) को खेतों में कीटनाशक और खाद छिड़कने के लिए ड्रोन देती है। इसका मकसद गांवों में आधुनिक तकनीक लाना, खेती की लागत कम करना और ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए गांव-स्तर के उद्यमियों के रूप में नौकरियां पैदा करना है। 1,261 करोड़ रुपये के बजट के साथ 2026 तक 15,000 से ज़्यादा ड्रोन दिए जाएंगे।
यह योजना कैसे काम करती है?
• सरकार प्रति ड्रोन पैकेज 8 लाख रुपये तक की ड्रोन लागत का 80% कवर करती है, बाकी के लिए 3% पर कम ब्याज वाले लोन देती है।
• एक SHG सदस्य के लिए 15 दिन की मुफ्त पायलट ट्रेनिंग और दूसरे के लिए 5 दिन की असिस्टेंट ट्रेनिंग।
• SHG स्प्रेइंग के लिए स्थानीय किसानों को ड्रोन सेवाएं किराए पर देते हैं।
• ड्रोन 10 मिनट में 1 एकड़ में स्प्रे करते हैं, एक बार चार्ज करने पर 5-7 एकड़ कवर करते हैं।
सर्विस मॉडल बनाना
• गांव के उद्यमी ड्रोन पाने और रेंटल बिजनेस मॉडल शुरू करने के लिए SHG बनाते हैं या उनमें शामिल होते हैं।
• फसल और इलाके के आधार पर स्प्रेइंग के लिए प्रति एकड़ 300-700 रुपये चार्ज करें।
• हर महीने 60,000-1 लाख रुपये कमाने के लिए हर महीने 100 एकड़ का टारगेट रखें।
• आस-पास के किसानों को घर-घर जाकर सेवाओं का प्रचार करें जिन्हें जल्दी और समान स्प्रेइंग की ज़रूरत है।
• यह मॉडल नेटवर्क इफेक्ट का इस्तेमाल करता है: जितने ज़्यादा किसान इसका इस्तेमाल करेंगे, उतनी ज़्यादा इनकम होगी।
ड्रोन दीदी योजना के आर्थिक फायदे
• ड्रोन दीदी किसानों को किराए पर देकर प्रति SHG हर साल 1 लाख रुपये ज़्यादा कमा सकती हैं।
• एक ग्रुप ने 10 महीनों में 2,581 एकड़ में 3.38 लाख रुपये कमाए।
• ट्रेनिंग के बाद व्यक्तिगत दीदी हर महीने 25,000 रुपये कमाती हैं।
• किसान सटीक स्प्रेइंग से लेबर और केमिकल पर 30-50% की बचत करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1.ड्रोन दीदी कौन बन सकती हैं?
DAY-NRLM के तहत ग्रामीण SHG की महिलाएं; युवा भी ग्रुप में शामिल हो सकते हैं।
Q2.किस ट्रेनिंग की ज़रूरत है?
DGCA से मंज़ूर सेंटर्स से पायलट सर्टिफिकेट के लिए 15 दिन की ट्रेनिंग।
Q3.किसान कितना पेमेंट करते हैं?
300-700 रुपये प्रति एकड़, जो मैनुअल लेबर से सस्ता है।
Q4.क्या लाइसेंस ज़रूरी है?
हां, ड्रोन के लिए DGCA के नियमों का पालन करें।
Q5.किन फसलों पर स्प्रे किया जा सकता है?
चावल, गन्ना, सब्जियां, धान।
ड्रोन दीदी ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को एक आसान सर्विस मॉडल के साथ स्मार्ट एंटरप्रेन्योर बनाती है: सब्सिडी वाले ड्रोन पाएं, ट्रेनिंग लें, और किसानों को स्प्रे करने के लिए किराए पर दें ताकि रेगुलर इनकम हो सके। इससे खेती की एफिशिएंसी बढ़ती है, लागत कम होती है, और गांवों में आत्मनिर्भरता आती है। SHG रजिस्ट्रेशन के लिए अपने लोकल कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करके शुरुआत करें।