Kishor Dhakad
06-01-2026एंटो-फार्मिंग: सस्टेनेबल पोल्ट्री फीड के रूप में ब्लैक सोल्जर फ्लाई लार्वा (BSFL) की बढ़ती क्षमता
आज पोल्ट्री पालन करने वाले किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या है महँगा चारा और बढ़ती लागत। सोयाबीन मील और फिशमील जैसे पारंपरिक फीड दिन-ब-दिन महँगे होते जा रहे हैं। ऐसे में किसानों को एक ऐसे विकल्प की ज़रूरत है जो सस्ता भी हो, पोषण से भरपूर भी और पर्यावरण के लिए सुरक्षित भी।
इसी दिशा में ब्लैक सोल्जर फ्लाई लार्वा (BSFL) आधारित एंटो-फार्मिंग एक नया और भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर रही है।
एंटो-फार्मिंग क्या है?
एंटो-फार्मिंग का मतलब है जानवरों के चारे के लिए कीड़ों का पालन करना।
इसमें सबसे ज़्यादा उपयोग किया जाता है ब्लैक सोल्जर फ्लाई के लार्वा का, जिसे BSFL कहा जाता है।
ब्लैक सोल्जर फ्लाई अंडे देती है और उनसे निकलने वाले लार्वा:
मोटे होते हैं
तेज़ी से बढ़ते हैं
पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं
ये लार्वा रसोई के कचरे और खेत के जैविक अवशेषों पर पलकर सिर्फ 12–14 दिनों में तैयार हो जाते हैं।
BSFL की पोषण क्षमता क्यों खास है?
BSFL को एक हाई-प्रोटीन नेचुरल फीड माना जाता है।
पोषण तत्व
प्रोटीन: 40–44%
फैट: 15–49%
यह पोषण स्तर सोयाबीन मील और फिशमील के बराबर या कई बार उनसे बेहतर होता है।
खास बात
वयस्क ब्लैक सोल्जर फ्लाई न तो खाती है
न ही बीमारी फैलाती है
इसलिए यह पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है।
पोल्ट्री के लिए BSFL क्यों फायदेमंद है?
BSFL मुर्गियों के लिए कई तरह से लाभदायक साबित हुआ है:
मजबूत मांसपेशियों के विकास में मदद
अंडा उत्पादन में सुधार
पाचन क्षमता बहुत अच्छी, जिससे:
मुर्गियाँ 90% से अधिक पोषण ग्रहण कर पाती हैं
अतिरिक्त लाभ
कैल्शियम से भरपूर
आंतों के स्वास्थ्य के लिए लॉरिक एसिड
प्राकृतिक इम्यूनिटी बूस्टर
अध्ययनों में पाया गया है कि BSFL खाने वाले ब्रॉयलर:
तेज़ी से बढ़ते हैं
बेहतर फीड कन्वर्जन रेश्यो (FCR 3.6 तक) दिखाते हैं
पोल्ट्री किसानों के लिए BSFL के प्रमुख फायदे
1. चारे की लागत में कमी
BSFL के उपयोग से पोल्ट्री फीड का खर्च 20–30% तक कम हो सकता है।
2. कचरे का सही उपयोग
सब्जियों के छिलके
फसल के अवशेष
किचन वेस्ट
यह सब BSFL के लिए फीड बन जाता है।
3. बेहतर उत्पादन
मुर्गियों का वजन अच्छा
मांस की गुणवत्ता बेहतर
कम बीमारियाँ, कम एंटीबायोटिक की ज़रूरत
4. पर्यावरण के लिए फायदेमंद
जैविक कचरे से बनने वाली मीथेन गैस में कमी
सोयाबीन जैसी फसलों की तुलना में:
कम ज़मीन
कम पानी की ज़रूरत
BSFL फार्मिंग कैसे शुरू करें?
BSFL फार्मिंग को किसान छोटे स्तर से भी आसानी से शुरू कर सकते हैं।
शुरुआत कहाँ करें?
भारत के गर्म मौसम वाले इलाके जैसे:
तमिलनाडु
महाराष्ट्र
मध्य प्रदेश
तेलंगाना
ज़रूरी व्यवस्था
ड्रेनेज वाले प्लास्टिक या सीमेंट के डिब्बे
प्रति वर्ग मीटर रोज़ाना 1–5 किलो जैविक कचरा प्रोसेस किया जा सकता है
उत्पादन क्षमता
1 किलो अंडों से लगभग 200–300 किलो लार्वा
जब लार्वा गहरे रंग के और मोटे हो जाएं, तब उन्हें निकाल लें
उपयोग और भंडारण
लार्वा को:
सुखाकर
या फ्रीज़ करके रखा जा सकता है
पोल्ट्री फीड में 10–20% BSFL मिलाना सबसे बेहतर माना जाता है
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: BSFL को कौन-सा कचरा खिलाया जा सकता है?
किचन का कचरा, फसल अवशेष और सब्जियों के छिलके।
बदबू और समस्या से बचने के लिए मांस और डेयरी उत्पाद न दें।
प्रश्न 2: क्या BSFL मुर्गियों के लिए सुरक्षित है?
हाँ, यह पूरी तरह सुरक्षित, पचने योग्य और कई देशों में मान्य फीड है।
प्रश्न 3: 100 मुर्गियों के लिए कितना BSFL चाहिए?
हर हफ्ते लगभग 5–10 किलो ताज़ा लार्वा पर्याप्त होता है।
प्रश्न 4: BSFL फार्मिंग के लिए सही तापमान क्या है?
25–35 डिग्री सेल्सियस सबसे अच्छा रहता है। तेज़ धूप में शेड नेट का उपयोग करें।
प्रश्न 5: क्या छोटे किसान इससे मुनाफ़ा कमा सकते हैं?
हाँ, लगभग 10,000 रुपये से शुरुआत करके: खुद का चारा तैयार कर सकते हैं अतिरिक्त लार्वा या फीड बेचकर आमदनी भी बढ़ा सकते हैं
ब्लैक सोल्जर फ्लाई लार्वा आधारित एंटो-फार्मिंग पोल्ट्री किसानों के लिए कम खर्च, ज़्यादा मुनाफ़ा और पर्यावरण सुरक्षा का बेहतरीन विकल्प है।
अगर किसान सही तरीके से छोटे स्तर से शुरुआत करें, तो यह:
चारे की लागत घटा सकता है
उत्पादन बढ़ा सकता है
और भविष्य की सस्टेनेबल पोल्ट्री फार्मिंग की नींव रख सकता है।
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