Vaibhav shrivastava
04-02-2026बजट 2026-27 में भारत सरकार ने खेती, पशुपालन और मत्स्य पालन को लेकर एक नई और साफ दिशा दिखाई है। यह बजट केवल पैसों का लेखा जोखा नहीं है, बल्कि यह बताता है कि आने वाले समय में खेती को कैसे आधुनिक, लाभदायक और रोजगार देने वाला बनाया जाएगा। सरकार का मकसद अब केवल गुजारे लायक खेती नहीं, बल्कि ऐसी खेती है जिससे किसान अच्छा मुनाफा कमा सके और गांवों में नए रोजगार के अवसर पैदा हों।
यह पूरा बजट विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के साथ कृषि बजट की दिशा
सरकार का मानना है कि देश की अर्थव्यवस्था लगभग 7 प्रतिशत की रफ्तार से आगे बढ़ेगी और पिछले कुछ वर्षों की नीतियों की निरंतरता बनी रहेगी। इसी वजह से बजट में आर्थिक स्थिरता, निवेश और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है।
आर्थिक स्थिरता और राजकोषीय घाटा नियंत्रण
सरकार ने राजकोषीय घाटा 4.4 प्रतिशत से घटाकर 4.3 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है, ताकि महंगाई पर नियंत्रण रखा जा सके और निजी निवेश को बढ़ावा मिले। इसके साथ ही 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च प्रस्तावित किया गया है।
कृषि और ग्रामीण विकास के लिए 1.63 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान
खेती और उससे जुड़े क्षेत्रों के लिए करीब 1.63 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत अधिक है। इसका मकसद सिर्फ उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि गांवों में अच्छी क्वालिटी के रोजगार तैयार करना भी है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर सड़क भंडारण और कोल्ड चेन
पूंजीगत खर्च का बड़ा हिस्सा ग्रामीण सड़कों, भंडारण सुविधाओं, कोल्ड चेन और बाजार तक पहुंच को बेहतर बनाने पर किया जाएगा। इससे किसानों को अपनी फसल सही समय पर और कम लागत में बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
तकनीक आधारित खेती की शुरुआत भारत विस्तार एआई प्लेटफॉर्म
कृषि क्षेत्र में तकनीक का सबसे बड़ा कदम भारत विस्तार नाम का एआई आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह एक बहुभाषी टूल होगा, जिससे किसान अपनी भाषा में खेती से जुड़ी हर जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
एग्रीस्टैक और अनुसंधान संस्थानों से जुड़ा डिजिटल समाधान
भारत विस्तार को एग्रीस्टैक और कृषि अनुसंधान संस्थानों से जोड़ा जाएगा, जिससे किसानों को वैज्ञानिक और भरोसेमंद सलाह मिल सके। इसमें मौसम, मिट्टी, कीट नियंत्रण, फसल तकनीक और बाजार भाव जैसी जानकारियां उपलब्ध होंगी।
बहुभाषी एआई टूल से छोटे किसानों को फायदा
यह टूल खास तौर पर छोटे और सीमांत किसानों के लिए फायदेमंद होगा। इससे उन्हें बिचौलियों या अधूरी जानकारी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, खेती का जोखिम घटेगा और लागत कम होगी।
अनाज से आगे बढ़कर हाई वैल्यू फसलों पर फोकस
बजट 2026-27 में सरकार ने साफ कर दिया है कि अब फोकस केवल अनाज तक सीमित नहीं रहेगा। नारियल, चंदन, काजू, कोको, बादाम और अखरोट जैसी अधिक कमाई देने वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
नारियल मिशन पुनर्विकास और रोजगार
नारियल क्षेत्र में सरकार लगभग 3 करोड़ लोगों को जोड़ने की योजना बना रही है। पुराने पेड़ों को हटाकर नई और ज्यादा उपज देने वाली किस्में लगाई जाएंगी।
Smart farming and agriculture app for farmers is an innovative platform that connects farmers and rural communities across the country.
© All Copyright 2024 by Kisaan Helpline