नई स्वीट कॉर्न किस्म ‘वी एल मधुबाला’ से बढ़ेगी किसानों की कमाई

नई स्वीट कॉर्न किस्म ‘वी एल मधुबाला’ से बढ़ेगी किसानों की कमाई
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Kisaan Helpline

Agriculture Jan 16, 2026

खेतों में खड़े होकर अक्सर किसान यह सोचते हैं कि ऐसी कौन-सी फसल लगाई जाए जिससे मेहनत कम हो और आमदनी ज़्यादा मिले। इसी सवाल का जवाब अब कृषि वैज्ञानिकों ने दिया है। किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अल्मोड़ा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने स्वीट कॉर्न की एक नई उन्नत किस्म वी एल मधुबाला विकसित की है, जो कम समय में तैयार होकर बेहतर उत्पादन देने में सक्षम है।

 

दो उन्नत किस्मों के मेल से बनी नई वैरायटी

वी एल मधुबाला को स्वीट कॉर्न की पहले से लोकप्रिय किस्मोंवी एस एल 26’’ औरवी एस एल 38’’ को मिलाकर तैयार किया गया है। परीक्षणों के दौरान किसानों के खेतों जैसी परिस्थितियों में इस किस्म ने शानदार प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय समन्वित फसल परीक्षणों में उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में इसके हरे भुट्टों की औसत उपज 11,438 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर और उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में 11,454 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक दर्ज की गई।

 

कम समय में तुड़ाई, ज्यादा मिठास

किसानों के लिए सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस किस्म के हरे भुट्टे 72 से 75 दिनों में ही तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं। इसमें घुलनशील ठोस तत्वों (TSS) की मात्रा औसतन 15.7 प्रतिशत पाई गई है, जिससे इसका स्वाद अधिक मीठा और बाजार में पसंद किया जाने वाला बनता है। इसके साथ ही यह किस्म तुर्कीकम पर्ण जलन रोग के प्रति मध्यम प्रतिरोधक क्षमता रखती है, जिससे फसल का जोखिम भी कम होता है।

 

किन क्षेत्रों के किसान उठा सकते हैं लाभ

इस नई किस्म को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के पर्वतीय इलाके, साथ ही असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के लिए अनुशंसित किया गया है। वहीं उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के किसान भी इसकी खेती कर सकते हैं।

 

बढ़ेगी आय, मजबूत होगी बाजार पकड़

कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह किस्म जल्दी तैयार होने वाली, अधिक उपज देने वाली और स्वाद में बेहतर होने के कारण किसानों को बाजार में अच्छा दाम दिला सकती है। इससे सिर्फ किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि सब्जी आधारित और बाजार केंद्रित खेती को भी नया बढ़ावा मिलेगा।

 

वी एल मधुबालास्वीट कॉर्न की यह नई किस्म उन किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प बन सकती है, जो कम समय में सुरक्षित और लाभकारी खेती करना चाहते हैं।

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