घना कोहरा, कड़ाके की ठंड और पाले का अलर्ट: किसानों के लिए जरूरी मौसम समाचार व कृषि सलाह

घना कोहरा, कड़ाके की ठंड और पाले का अलर्ट: किसानों के लिए जरूरी मौसम समाचार व कृषि सलाह
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Kisaan Helpline

Agriculture Jan 03, 2026

घना कोहरा, कड़ाके की ठंड और पाले का अलर्ट: किसानों के लिए जरूरी मौसम समाचार कृषि सलाह

 

देश के कई हिस्सों में जनवरी की शुरुआत में मौसम ने कड़ाके का रुख अपना लिया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई राज्यों में घना से बहुत घना कोहरा, कोल्ड डे, कोल्ड वेव और कुछ इलाकों में पाले (ग्राउंड फ्रॉस्ट) की स्थिति बन रही है। इसका सीधा असर आम जनजीवन के साथ-साथ खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है।

 

मौसम की ताजा स्थिति

·       पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा में रात और सुबह के समय घना कोहरा छाया रहने की संभावना है।

·       हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब के कुछ हिस्सों में ठंडी हवाओं के कारण कोल्ड वेव की स्थिति देखी जा सकती है।

·       उत्तराखंड के कुछ इलाकों में पाले का खतरा बताया गया है।

·       बीते 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई, जबकि देश के बाकी हिस्से शुष्क रहे।

·       इस तरह के मौसम में खासकर गेहूं, चना, सरसों, सब्जियों और बागवानी फसलों को नुकसान होने की आशंका रहती है।

 

किसानों के लिए कृषि सलाह

 

कोहरे से फसलों को कैसे बचाएं

 

·       सुबह के समय कोहरे में फसल पर कीटनाशक या खाद का छिड़काव करें, इससे दवा का असर कम हो जाता है।

·       खेतों में जल निकास (पानी की निकासी) सही रखें, ज्यादा नमी से रोग बढ़ सकते हैं।

·       सब्जियों में फंगल रोगों की संभावना रहती है, इसलिए रोग के लक्षण दिखते ही कृषि विशेषज्ञ की सलाह लें।

 

ठंड और कोल्ड वेव में सावधानी

 

·       गेहूं और चने की फसल में हल्की सिंचाई करें, इससे तापमान का असर कम होता है।

·       पशुओं को ठंड से बचाने के लिए रात में खुले में बांधें, सूखा बिछावन और हवा से बचाव जरूरी है।

 

पाले से फसलों को बचाने के उपाय

 

·       पाले की आशंका होने पर शाम को हल्की सिंचाई करें, इससे जमीन का तापमान गिरने से बचता है।

·       सब्जियों और बागवानी फसलों को पॉली शीट, भूसा या सूखी घास से ढककर रखें।

·       खेत की मेड़ों पर धुआं करने की व्यवस्था (कचरा, भूसा जलाकर) भी पाले से बचाव में मदद करती है।

·       पाले से प्रभावित फसल में 2% थायोयूरिया या 0.5% सल्फर का छिड़काव लाभकारी हो सकता है (विशेषज्ञ की सलाह से)

 

आने वाले कुछ दिन किसानों के लिए मौसम के लिहाज से संवेदनशील हैं। समय पर सही सावधानी अपनाकर फसल और पशुओं को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है। किसान भाई नियमित रूप से स्थानीय मौसम अपडेट देखते रहें और किसी भी समस्या में नजदीकी कृषि विभाग या कृषि विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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