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वर्टिकल फार्मिंग से घर में तैयार कर सकते हैं सब्जी का बगीचा

 

कानपुर, उत्तरप्रदेश। शायद आपको पता होगा की किसान एक कमरे में खेती कर सकता है, या नहीं। लेकिन यह सच है, की किसान ने कमरे में खेती की। आप किसी भी मौसम में पालक, मैथी, सोया व दूसरी पत्तेदार सब्जियां पैदा कर सकते हैं। यह जानकारी भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. हरे कृष्णा ने दी। वे बुधवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) की राष्ट्रीय सब्जी उत्पादन कार्यशाला में हिस्सा लेने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि कमरे व घर के किसी भी हिस्से में वर्टिकल फार्मिंग की जा सकती है। कमरे के अंदर होने के कारण खेती पर मौसम की मार का असर भी नहीं पड़ता। इसके लिए मिट्टी की जरूरत भी नहीं होती है। बस प्लास्टिक के ट्यूब में पोषक तत्वों का घोल भरकर वर्टिकल फार्मिंग की जा सकती है। पोषक तत्वों में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटैशियम समेत 18 उर्वरक शामिल होते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इस तरह की खेती में किसी भी प्रकार के रसायन का इस्तेमाल नहीं होता है, लिहाजा स्वास्थ्य के लिए ये बेहद सुरक्षित होती हैं। 

 

20 रुपये की पॉलीटनल में किसान करें खेती

डॉ. कृष्णा ने बताया कि सर्दी के मौसम में पाले व तापमान की मार से बचने के लिए किसान 20 रुपये की पॉलीटनल में सब्जियों की खेती करके मुनाफे की फसल पैदा कर सकते हैं। मिट्टी में लोहे का अर्द्धचंद्राकर तार की मेड़ बनाकर उसे पॉलीथिन से ढककर यह खेती की जा सकती है। यह तकनीक पॉलीहाउस का काम करती है। एक स्क्वायर मीटर का पॉलीहाउस एक हजार रुपये में तैयार होता है, जबकि पॉलीटनल महज 20 रुपये में बन जाता है।