Social Share:
खेत खलिहान: बेमौसम बारिश से सरसों, मटर-आलू और झुलसा की चिंता

वाराणसी। बेमौसम बारिश एक बार फिर किसानों के लिए मुसीबत लेकर आई है। किसानों को सरसों, मटर और आलू में झुलसा रोग लगने का डर सता रहा है, जो खेत में लहलहा रहे हैं। बूंदाबांदी और हवा के कारण सरसों में लगे फूल जमीन पर गिर गए हैं। वही स्थिति बनी हुई है, की आगे भी किसानों को खेतों में कम उत्पादन के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। परेशान किसान समझ नहीं पा रहे हैं कि इस समस्या से कैसे छुटकारा पाया जाए। जिला कृषि अधिकारी सुभाष मौर्य के अनुसार यह बारिश खाद्य फसलों के लिए वरदान होगी, लेकिन सरसों, मटर, आलू सहित सब्जियों के लिए यह नुकसान दायक है। ऐसे में किसानों को कीड़ों और बीमारियों से बचाने के लिए कृषि वैज्ञानिक की राय से दवा का छिड़काव करें।

 

 - हवा और बूंदाबांदी के कारण सरसों में लगे फूल जमीन पर गिर गए हैं। इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। अगर यही स्थिति बनी रही, तो किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ेगा। -राजू यादव, राजातालाब

 

 - बूंदाबांदी से सब्जियों में बहुत ज्यादा नुकसान नहीं होगा, अगर बारिश होती है और नुकसान होता है, तो नुकसान से इनकार नहीं किया जा सकता है। पुरवा हवा चलने के साथ कोहरे पड़े तो सरसों में माहो रोग लगने का खतरा बढ़ जाएगा।  -अवधनारायण चौहान, चोलापुर

 

 - बारिश गेहूं के लिए फायदेमंद है लेकिन सरसों, मटर, आलू आदि के लिए हानिकारक है। ज्यादा बारिश होगी तो सब्जी को ज्यादा नुकसान होगा। -धर्मेद्र पटेल, नरऊर

 

बारिश सरसों और मटर दोनों के लिए हानिकारक है। बदरी होने के साथ मटर में पावडरी मिल्यूड रोग लगना शुरू हो जाता है जिससे मटर की पत्ती पर सफेद पावडर की पर्त जमने लगती है। इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है। इसी तरह मौसम बना रहा तो सरसों में माहो और आलू में झुलसा रोग का खतरा बढ़ जाएगा। बूंदाबांदी से गेहूं को कोई नुकसान नहीं होने वाला है, बल्कि फायदेमंद है। -रामजी त्रिपाठी, प्रभारी एसडीओ एवं विषय वस्तु विशेषज्ञ