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Atari Address- ICAR-ATARI Zone-VIII Pune ICAR-Agricultural Technology Application Research Institute (ATARI), College of Agriculture Campus, Shivajinagar, Pune (Maharashtra)

Host Institute Name- Lok Bharti Gram Vidya PithSansosara, Bhavna,Gujarat

Pin Code- 364230

Bhavnagar Mandi Rates


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भावनगर कृषि प्रधान जिला है। प्रमुख फसलें कपास, मूंगफली हैं। अन्य महत्वपूर्ण फसलें जिनकी खेती की जाती है, वे हैं बाजरा, तिल, ज्वार, प्याज, आदि। लगभग 60% भूमि पर छोटे और पिछड़े किसानों का स्वामित्व है और जोत का औसत आकार 2.40 हेक्टेयर है।

खेत की फसलें - कपास, मूंगफली, गेहूं, दलहन
फल - आम, खट्टे, सपोटा (चीकू), केला
सब्जियां - प्याज, लहसुन

भारत में प्याज की पैदावार गुजरात और महाराष्ट्र राज्यों में सबसे ज्यादा होती है। गुजरात में भावनगर जिले की तलाजा तहसील में अधिकांश खेती प्याज की ही की जाती है। यहां लगभग 6 हजार हेक्टेयर भूमि में प्याज की खेती होती है। किसान औसतन 1400 मन प्याज की उपज करते हैं। 

प्याज भारत में दैनिक आधार पर बड़े पैमाने पर भोजन में उपयोग की जाने वाली महत्वपूर्ण सब्जियों में से एक है। भारत 12.85 लाख हैकटर मे 232.62 लाख मीट्रिक टन (2017-18) उत्पादन के साथ चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्याज उगाने वाला देश है। भारत द्वारा वर्ष 2017-2018 में 15.89 लाख मीट्रिक टन प्याज का निर्यात कर रुपये 308882.23 लाख की विदेशी मुद्रा अर्जित की।

गुजरात राज्य में, सौराष्ट्र में अमरेली और भावनगर दो प्रमुख जिले हैं जो प्याज की खेती करते हैं। यहां के किसान 40 प्रतिशत सफेद प्याज और 60 प्रतिशत लाल और पीले प्याज की खेती करते हैं जो घरों और रेस्तरां में खपत होती है। निर्जलीकरण के बाद सफेद किस्म का निर्यात किया जाता है।
कृषि आंकड़ों के निदेशक के अनुसार इस रबी सीजन में 88,361 हेक्टेयर क्षेत्र में प्याज की बुवाई की जाती है जो 43,846 हेक्टेयर की औसत बुवाई से 201.53 प्रतिशत अधिक है. पिछले साल 60,547 हेक्टेयर में प्याज की खेती की गई थी।

भावनगर जिले में महुआ मार्केट यार्ड नासिक के लासलगांव के बाद सफेद प्याज का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है। भावनगर में किसानों द्वारा उगाए गए लगभग 90% सफेद प्याज और अमरेली के कुछ हिस्सों का निर्यात किया जाता है।

भारतीय प्याज अपने तीखेपन के लिए प्रसिद्ध हैं और साल भर उपलब्ध रहती हैं। हालांकि, कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे और मूल्य वृद्धि के अपर्याप्त होने के कारण आपूर्ति श्रृंखला में प्याज की एक बड़ी मात्रा खराब हो जाती है। इसलिए, विभिन्न मूल्य वर्धित उत्पादों में प्याज का प्रसंस्करण घाटे को कम कर सकता है और प्रभावी शासकीय योजनाओं जैसे खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्पदा योजना एवं हाल ही आत्म निर्भर भारत अभियान के तहत देश भर सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमो की स्थापना एवं उन्नयन हेतु शुरू की गयी प्रधानमंत्री सूक्ष्मय खाद्य उद्यम उन्न्यन योजना प्रसंस्करण को बढ़ावा देने हेतु मील का पत्थर साबित हो रही है । इन योजनायों के माध्यम से सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं वृहद स्तर के उद्योगों को स्थापित एवं उन्नयन किया जा सकता है।

प्रसंस्करण के माध्यम से प्याज के अलग – अलग मुल्य संवर्धित उत्पादों को तैयार किया जाना संभव है जैसे न्यूनतम प्रसंकृत ताजा प्याज, निर्जलीकृत प्याज के रिंगस, पाउडर, तेल, सिरका, पेस्ट, चटनी, सूप मिक्स आदि। वर्तमान मे गुजरात के भावनगर जिले के महुआ मे निर्जलित प्याज प्रसंस्करण का व्यापक कार्य होता है। प्रसंस्कृत उत्पाद, तकनीक एवं उत्पादन क्षमता के आधार पर लगभग रु. 5 लाख से लेकर 30 लाख तक का उढ्योग स्थापित किया जा सकता है।

वर्तमान मे आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत शुरू की गई प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन (पीएम एफएमई) योजना केंद्र प्रायोजित योजना के तहत प्रसंकरण इकाइयां स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के असंगठित खंड में मौजूदा व्यक्तिगत सूक्ष्म उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता को प्रोत्साहित करना और क्षेत्र के औपचारिकता को प्रोत्साहन देना और किसान उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों और उत्पादक सहकारी समितियों को उनकी संपूर्ण मूल्य श्रृंखला के साथ सहायता प्रदान करना है। वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक पांच वर्षों की अवधि में 500 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ इस योजना में मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के उन्नयन एवं नवीन इकाइयों की स्थापना के लिए वित्तीय, तकनीकी और व्यावसायिक सहायता प्रदान कर सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण यूनिटों को सीधे सहायता देने की परिकल्पना की गई है।