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लंपी वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, पशुओं को लगाया जाएगा मुफ्त टीका
लंपी वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, पशुओं को लगाया जाएगा मुफ्त टीका

Lumpy Skin Disease: मध्य प्रदेश में लंपी वायरस के बढ़ते मामलों के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महत्वपूर्ण बैठक की। दुधारू पशुओं में तेजी से फैल रहे लंपी स्किन रोग को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि लंपी वायरस से बचाव के उपायों की जानकारी पशुपालकों को ग्राम सभा में बुलाए जाए और उनको जरूरी निर्देश दिए जाए। साथ ही प्रदेश की सभी गौ शालाओ में टीकाकरण के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में पशुओं को लंपी वायरस से बचाने के लिए पशुओं को मुफ्त टीका लगाया जाएगा।


मुख्यमंत्री के निर्देश पर भोपाल में राज्य स्तरीय रोग नियंत्रण हेल्पलाइन नंबर (0755-2767583, टोल फ्री नंबर 1962) जारी किया गया है। सीएम चौहान ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को बुलाकर जल्द से जल्द इस बीमारी पर नियंत्रण करने के निर्देश दिए हैं।


सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के आधे जिलों में जानवरों के लम्पी वायरस से संक्रमित होने के मामले सामने आए हैं। राज्य के 26 जिलों में 7686 जानवर लम्पी वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। और अब 100 से ज्यादा जानवरों की मौत हो चुकी है। इंदौर, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, बैतूल, धार, बुरहानपुर, झाबुआ और खंडवा में बड़ी संख्या में मवेशी लम्पी वायरस से प्रभावित हुए हैं।

बता दें कि लंपी वायरस के बढ़ते मामलों के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संक्रमित पशुओं के आवागमन को तत्काल प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए। गुजरात और राजस्थान की सीमा से लगे जिलों में धारा 144 लागू कर पशुओं का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है।

लंपी स्किन रोग के प्रमुख लक्षण :- संक्रमित जानवर में हल्का और तेज बुखार, मुंह से अत्यधिक लार आना और आंखों और नाक से पानी आना, भूख न लगना, त्वचा पर गांठ और मुंह के छाले हैं। संक्रमित पशुओं के शरीर पर त्वचा में बड़ी संख्या में 02 से 05 सेमी आकार की गांठ का बनना भी एक प्रमुख लक्षण है।

लंपी त्वचा रोग की एडवाइजरी
देश के ज्यादातर इलाकों में पशुधन और पशुपालक लंपी त्वचा रोग (Lumpy Skin Disease) की समस्या से तंग आ चुके हैं। यही कारण है कि इसके लक्षणों की पहचान और इसके इलाज के लिए लगातार जागरूकता अभियान (Awareness for Lumpy Skin Disease) भी चलाए जा रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिये पिछले दिनों जारी ताजा एडवाइजरी (Lumpy Skin disease Advisory) में पशुपालकों को सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है।
  • पशुपालक अपने पशुओं की साफ-सफाई खानपान और देखभाल करते रहें और पशुओं के पास मच्छर, मक्खी, घुन जैसे परजीवियों की रोकथाम करें।
  • खासकर गायों के व्यवहार के स्वास्थ्य में बदलाव देखने पर तुरंत पशु चिकित्सा अधिकारी या पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
  • लंपी त्वचा रोग से पीड़ित पशुओं को बाकी पशुओं से अलग रखें और उनका खानपान भी अलग ही रखें।
  • लंपी त्वचा रोग (Lumpy Skin Disease) के कारण संक्रमित और गैर संक्रमित पशुओं की आवाजाही को कुछ दिनों के लिए टाल दें।
  • पशुओं के बाड़े और घर के आस-पास भी साफ सफाई रखें और समय-समय पर कीटनाशकों (Pest Control for Lumpy Skin Disease) का छिड़काव करते रहे।