Social Share:
किसान हेल्पलाइन जैविक खेती और मृदा परीक्षण के प्रति किसानों को संगोष्ठी के माध्यम से कर रहा है जागरूक
किसान हेल्पलाइन जैविक खेती और मृदा परीक्षण के प्रति किसानों को संगोष्ठी के माध्यम से कर रहा है जागरूक

किसान हेल्पलाइन किसानों को मिट्टी परिक्षण, जैविक खेती और मूल्यवान फसलों के महत्त्व को बताते हुए जागरूकता फैला रहा है और इनसे होने वाले फायदों के बारे में बता रहा है।
अपने उद्देश्य के साथ किसान हेल्पलाइन की टीम मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में  गांव-गांव में जाकर किसानों को जैविक खेती और मिट्टी परिक्षण के महत्व से अवगत करा रहा है। 

मंदसौर जिले के सीतामऊ तहसील के ग्राम दलावदा में दिनांक 18 जुलाई, सोमवार को किसान संगोष्ठी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस संगोष्ठी में किसानों को मृदा परीक्षण (Soil Test), जैविक खेती (Oragnic Farming) और मूल्यवान फसलों (Valuable Crops) के बारे में विस्तार से बताया और किसानों को मृदा परीक्षण और जैविक खेती के प्रति जागरूक किया।
जैविक खेती के महत्व, जैविक खाद की जानकारी, जैविक तरीके से रोग और कीट को कैसे नियंत्रित किया जाये आदि और मिट्टी परिक्षण से होने वाले फायदे जैसे: संतुलित रासायनिक उर्वरक का उपयोग, पोषक तत्वों की कमी की पूर्ति, खेत की मिट्टी में जैविक कार्बन को कैसे बढ़ाया जाये, भूमि सुधार का महत्त्व आदि कई विषयों पर विस्तार में जानकारी दी गयी।
मृदा परीक्षण की जानकारी के साथ-साथ जैविक खेती के महत्व पर भी चर्चा की गई, जिसमें किसानों को खेत में रसायनों के उपयोग से प्रकृति और मानव शरीर को होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया। किसान हेल्पलाइन की टीम ने भी गांव के किसानों को पर्यावरण का महत्व बताते हुए वृक्षारोपण की भी सलाह दी गयी। 
"स्वस्थ माटी स्वस्थ जीवन" के उद्देश्य के साथ किसान हेल्पलाइन मंदसौर जिले में कार्य कर रहा है और गांव गांव जाकर किसान संगोष्ठी का आयोजन कर रहा है।