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सोयाबीन उत्पादकों को सलाह

कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना के समन्वयक डॉ. बी.एस. किरार ने किसानों को कम अवधि की सोयाबीन फसल बोने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि किसान बोनी करते समय बीजदर की मात्रा 25 प्रतिषत बढ़ाकर और कतार से कतार की दूरी 30 से.मी. रख कर बुवाई करे। जो फसल 15-25 दिन की हो गयी है उसमें हस्तचलित यंत्र चलाकर नीदां नियंत्रण करें। श्रमिक समस्या होने पर रासायनिक दवा बुवाई के 15 से 25 दिन में खरपतवार नियंत्रण दवा इमाझेथायपर, क्विझालोफॉपइथाइल, क्विझालोफॉपपी टेफूरील, फिनोक्सीप्रोप-पी-इथाईल 400 मि.ली. दवा 14 ग्राम प्रति एकड़ रसायनों का 150-200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
उन्होंने बताया है कि सोयाबीन फसल पत्ती खाने वाली इल्लियों के प्रकोप की संभावना दिखने पर फसल मे कीटभक्षी पक्षियों के बैठने के लिये वर्ड-पर्च और नर इल्लियों को पकड़ने के लिये फेरोमेन टेªप लगाये। और फसल मे पत्ती खाने वाली इल्लियों प्रारंभिक अवस्था में दिखने पर सूक्ष्मजीव आधारीत कीटनाषक जैसे विवेरिया वेसियाना (फफूँद) या बेसीलसथूरिंजिएन्सिस (जीवाणु) या न्यूक्लियरपोलीहेड्रोसिस वायरस आदि का शाम के समय छिड़काव करें।