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राज्य में अब अपनाई जाएगी सिंचाई की इजरायली तकनीकी: मंत्री

बेंगलूरु- कृषि मंत्री शिवशंकर रेड्डी ने कहा है कि कृषि क्षेत्र में पानी के कुशल प्रबंधन के लिए राज्य के चुनिंदा क्षेत्रों में सिंचाई के लिए इजराइल की उन्नत तकनीक को अपनाया जाएगा। इन चुनिंदा क्षेत्रों को मॉडल का नाम दिया जाएगा और परियोजना की घोषणा बजट में की जाएगी।

तुमकूरु में शनिवार को जिला पंचायत कार्यालय में उन्होंने कहा, हम कृषि में स्प्रिंक्लर और ड्रिप सिंचाई का उपयोग कर रहे हैं जिसे इजरायल में अपनाया गया है। इसके माध्यम से कम पानी का उपयोग कर अधिक भूमि में सिंचाई की जा सकती है, जिससे कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी। इसके लिए प्रत्येक जिले में एक क्षेत्र का चयन किया जाएगा। इससे फसलों के प्रकार के आधार पर आवश्यक मात्रा में पानी का सिंचाई के लिए प्रयोग होगा जिससे पानी की बर्बादी कम होगी।

कृषि तालाब के लिए बाड़बंदी अनिवार्य

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगर खेतों में किसानों द्वारा निर्मित कृषि तालाब की अनिवार्य रूप से बाड़बंदी नहीं की जाती है, तो उनके बिल पास नहीं किए जाएं। बिना बाड़ के तालाबों में डूबने के कारण कई लोगों की मौत हो चुकी है, इसलिए ऐहतियातन यह निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि जुलाई के अंत तक वर्ष-2017-18 के लिए किसानों के फसल बीमा दावे की 7557 करोड़ की राशि उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी।