n
Social Share:
फसलों में नीम एक और इसके फायदे अनेक

भारत मैं लाखो नीम के पेड़ हैं  और हर वर्ष कई हजार टन नीबोली  पैदा होती है इसमैं से बहुत थोड़ा को ही  इकट्ठा किया जाता है  शेष व्यर्थ चला जाता हैं  अदि हर गांव में एक अभीयान की तरह काम किया जाये और नीम के प्रोडक्ट बना के एग्रीकल्चर में उसे कोइया जाये तो किसानो के लिए ये एक फ़दये वाली फसल हो सकती है

साथ ही नीम सेहत  के लिहाज से एक सौगात की तरह है। इसके पत्ते और छिलकों में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जिनमें गंभीर बीमारियों को ठीक करने की क्षमता पायी जाती है। नीम का जूस हालांकि कड़वा होता है लेकिन इसके जूस को पीने से तन और मन दोनों तंदुरुस्त रहते हैं।

यदि मई माह  मे  गाँव गाँव मे नीम उत्सव मानकर  नीबोली इकट्ठा कर खेत मैं उपयोग कर या नीम तेल,खल बनाकर बेचा जाए तो  इससे किसान  एवं कृषि  विकास  को  चार तरह से  बढ़ावा मिलेगा

1 आय का साधन

2 मृदा स्वस्थ्य

३ भूमि के नाइट्रोजन की हानि को रोकने मे सहायक

4 जैविक खेती के लिए एक प्रमुख आदान – भूमि से रोग-कीट नियंत्रण

 

 नीम एक कम पानी मैं भी उचित बढ़वार वाला पेड़ है अतः वर्षा की कमी मैं भी आय का साधन हो सकता  हे

 गर्मी मे नीम की छाया सबसे ठंडी होती हैं बढ़ते तापमान मैं राहत देने वाला वृक्ष है

 

ऐसी ही कई और भी औषधीय फसलों की विस्तृत जानकारी के लिए आज ही किसान हेल्पलाइन mobile app Download kare और पाएं व्यावसायिक फसलों की ढेर सारी जानकारी।

Visit website –http://kisaanhelpline.com/

Download mobile app - https://play.google.com/store/apps/details?id=ample.kisaanhelpline