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Soybean (सोयाबीन)

(SoyBean) सोयाबीन 

सोयाबीन भारतवर्ष में महत्वपूर्ण फसल है | यह दलहन के बजाय तिलहन की फसल मानी जाती है। सोयाबीन का उत्पादन 1985 से लगातार बढ़ता जा रहा है और सोयाबीन के तेल की खपत मूँगफली एवं सरसों के तेल के पश्चात सबसे अधिक होने लगा है | सोयाबीन की खेती लगभग भारत के सभी राज्यों में की जाती है मुख्यतः मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उतरप्रदेश, तमिलनाडु में सोयाबीन की खेती की जाती है |

Soybean is a most common crop in Middle East crop. It called Soyabean in Madhya Pradesh. It is best crop in Kharif crop. It is sowing in last week of June and July month. It is raining season crop. Soybean grows well in rainy season and moister climate. A temperature of 22 to 32°C is best atmosphere for grow its plants. Soil temperature is 14 to 18°C or above in best for its germination and growth. Lower temperature is delaying its flowering and middle atmosphere such as 20 to 28°C is best for is flowering. It is some of variety harvested in 70 days but most of harvested on 85 to 95 days.

Area of Cultivation :- Soybean is cultivating in United state is major part, In their 30 to 35% production in all over the world. Argentina is also main production country; it is 16 to 20% production in all over the world. India is also a main cultivation and production country in all over the world. In India soybean is 3 to 5% production in all over the world. In India is cultivated in Madhya Pradesh (M. P.), Himachal Pradesh (H.P.), Utter Pradesh (U.P.), Punjab and Delhi.

जलवायु एवं खेत की तैयारी :- सोयाबीन फसल के लिए शुष्क गर्म जलवायु की आवश्यकता होती है, इसके बीजों का जमाव 25 डी०से० पर 4 दिन में हो जाता है, जबकि इससे कम तापमान होने पर बीजों के जमाव में 8 से 10 दिन लगता है । अत: सोयाबीन खेती के लिए 60-65 सेमी. वर्षा वाले स्थान उपयुत्त माने गये हैं ।

सोयाबीन की खेती अधिक हल्‍कीरेतीली व हल्‍की भूमि को छोड्कर सभी प्रकार की भूमि में सफलतापूर्वक की जा सकती है परन्‍तु पानी के निकास वाली चिकनी दोमट भूमि सोयाबीन के लिए अधिक उपयुक्‍त होती है। जहां भी खेत में पानी रूकता हो वहां सोयाबीन ना लें।

बीज दर :- सोयाबीन की फसल

छोटे दाने वाली किस्‍में – 70 किलो ग्राम प्रति हेक्‍टर

मध्‍यम दोन वाली किस्‍में – 80 किलो ग्राम प्रति हेक्‍टर

बडे़ दाने वाली किस्‍में – 100 किलो ग्राम प्रति हेक्‍टर

बीज बोने का समय, विधि, बीजोपचार :- जून के अन्तिम सप्‍ताह में जुलाई के प्रथम सप्‍ताह तक का समय सबसे उपयुक्‍त है बोने के समय अच्‍छे अंकुरण हेतु भूमि में 10 सेमी गहराई तक उपयुक्‍त नमी होना चाहिए। जुलाई के प्रथम सप्‍ताह के पश्‍चात बोनी की बीज दर 5- 10 प्रतिशत बढ़ा देनी चाहिए। सोयाबीन की बोनी कतारों में करना चाहिए। कतारों की दूरी 30 सेमी. ‘’ बोनी किस्‍मों के लिए ‘’ तथा 45 सेमी. बड़ी किस्‍मों के लिए उपयुक्‍त है। बीज 2.5 से 3 सेमी. गहराई त‍क बोयें।

सोयाबीन के अंकुरण को बीज तथा मृदा जनित रोग प्रभावित करते है। इसकी रोकथाम हेतु बीज को थीरम या केप्‍टान 2 ग्राम कार्बेन्‍डाजिम या थायोफेनेट मिथीईल 1 ग्राम मिश्रण प्रति किलो ग्राम बीज की दर से उपचारित करना चाहिए अथवा ट्राइकोडरमा 4 ग्राम एवं कार्बेन्‍डाजिम 2 ग्राम प्रति किलो ग्राम बीज से उपचारित करके बोयें।

Sowing :- Soybean is sowing in 40 to 50 cm apart with the help of drill and plough. Plant to plant distance is 2 to 3 cm. The depth of sowing is 5 to 10 cm under moister condition. It rate of soybean is depend on its verity.

उपयुक्त किस्मों का चयन :- राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान केंद्र एवं विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा अलग क्षेत्रों के लिए वहाँ की कृषि जलवायु एवं मिट्टी के लिए अलग किस्मों का विकास किया गया है एवं किस्में समर्थित की गई हैं। उसी के अनुसार सोयाबीन किस्में बोई जानी चाहिए। इन किस्मों का थोड़ा बीज लाकर अपने यहाँ ही इसे बढ़ाकर उपयोग में लाया जा सकता है।

खरपतवार प्रबंधन :- फसल के प्रारम्भिक 30 से 40 दिनों तक खरपतवार नियंत्रण बहुत आवश्‍यक होता है। बतर आने पर डोरा या कुल्‍फा चलाकर खरपतवार नियंत्रण करें व दूसरी निंदाई अंकुरण होने के 30 और 45 दिन बाद करें। 15 से 20 दिन की खड़ी फसल में घांस कुल के खरपतवारो को नष्‍ट करने के लिए क्‍यूजेलेफोप इथाइल एक लीटर प्रति हेक्‍टर अथवा घांस कुल और कुछ चौड़ी पत्‍ती वाले खरपतवारों के लिए इमेजेथाफायर 750 मिली. ली. लीटर प्रति हेक्‍टर की दर से छिड़काव की अनुशंसा है। नींदानाशक के प्रयोग में बोने के पूर्व फलुक्‍लोरेलीन 2 लीटर प्रति हेक्‍टर आखरी बखरनी के पूर्व खेतों में छिड़के और अवा को पेन्‍डीमेथलीन 3 लीटर प्रति हेक्‍टर या मेटोलाक्‍लोर 2 लीटर प्रति हेक्‍टर की दर से 600 लीटर पानी में घोलकर फलैटफेन या फलेटजेट नोजल की सहायकता से पूरे खेत में छिड़काव करें। तरल खरपतवार नाशियों के मिटटी में पर्याप्‍त पानी व भुरभुरापन होना चाहिए।

सिंचाई :- खरीफ मौसम की फसल होने के कारण सामान्‍यत: सोयाबीन को सिंचाई की आवश्‍यकता नही होती है। फलियों में दाना भरते समय अर्थात सितंबर माह में यदि खेत में नमी पर्याप्‍त न हो तो आवश्‍यकतानुसार एक या दो हल्‍की सिंचाई करना सोयाबीन के विपुल उत्‍पादन लेने हेतु लाभदायक है।

पौध संरक्षण -

कीट :- सोयाबीन की फसल पर बीज एवं छोटे पौधे को नुकसान पहुंचाने वाला नीलाभृंग (ब्‍लूबीटल) पत्‍ते खाने वाली इल्लियां, तने को नुकसान पहुंचाने वाली तने की मक्‍खी एवं चक्रभृंग (गर्डल बीटल) आदि का प्रकोप होता है एवं कीटों के आक्रमण से 5 से 50 प्रतिशत तक पैदावार में कमी आ जाती है। इन कीटों के नियंत्रण के उपाय निम्‍नलिखित है:

कृषिगत नियंत्रण :- खेत की ग्रीष्‍मकालीन गहरी जुताई करें। मानसून की वर्षा के पूर्व बोनी नहीं करे। मानसून आगमन के पश्‍चात बोनी शीघ्रता से पूरी करें। खेत नींदा रहित रखें। सोयाबीन के साथ ज्‍वार अथवा मक्‍का की अंतरवर्तीय खेती करें। खेतों को फसल अवशेषों से मुक्‍त रखें तथा मेढ़ों की सफाई रखें।

रासायनिक नियंत्रण:- बुआई के समय थयोमिथोक्‍जाम 70 डब्‍लू एस. 3 ग्राम दवा प्रति किलो ग्राम बीज की दर से उपचारित करने से प्रारम्भिक कीटों का नियंत्रण होता है अथवा अंकुरण के प्रारम्‍भ होते ही नीला भृंग कीट नियंत्रण के लिए क्‍यूनालफॉस 1.5 प्रतिशत या मिथाइल पेराथियान (फालीडाल 2 प्रतिशत या धानुडाल 2 प्रतिशत) 25 किलो ग्राम प्रति हेक्‍टर की दर से भुरकाव करना चाहिए। कई प्रकार की इल्लियां पत्‍ती छोटी फलियों और फलों को खाकर नष्‍ट कर देती है इन कीटों के नियंत्रण के लिए घुलनशील दवाओं की निम्‍नलिखित मात्रा 700 से 800 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करना चाहिए। हरी इल्‍ली की एक प्रजाति जिसका सिर पतला एवं पिछला भाग चौड़ा होता है सोयाबीन के फूलों और फलियों को खा जाती है जिससे पौधे फली विहीन हो जाते हैं। फसल बांझ होने जैसी लगती है। चूकि फसल पर तना मक्‍खी, चक्रभृंग, माहो हरी इल्‍ली लगभग एक साथ आक्रमण करते हैं अत: प्रथम छिड़काव 25 से 30 दिन पर एवं दूसरा छिड़काव 40-45 दिन की फसल पर आवश्‍यक करना चाहिए।

जैविक नियंत्रण :- कीटों के आरम्भिक अवस्‍था में जैविक कट नियंत्रण हेतु बी.टी एवं ब्‍यूवेरीया बैसियाना आधरित जैविक कीटनाशक 1 किलोग्राम या 1 लीटर प्रति हेक्‍टर की दर से बुवाई के 35-40 दिन तथा 50-55 दिन बाद छिड़काव करें। एन.पी.वी. का 250 एल.ई समतुल्‍य का 500 लीटर पानी में घोलकर बनाकर प्रति हेक्‍टेयर छिड़काव करें। रासायनिक कीटनाशकों की जगह जैविक कीटनाशकों को अदला बदली कर डालना लाभदायक होता है।

1. गर्डल बीटल प्रभावित क्षेत्र में जे.एस. 335, जे.एस. 80 – 21, जे.एस 90 – 41, लगावें

1.2. निंदाई के समय प्रभावित टहनियां तोड़कर नष्‍ट कर दें

1.3. कटाई के पश्‍चात बंडलों को सीधे गहराई स्‍थल पर ले जावें

1.4. तने की मक्‍खी के प्रकोप के समय छिड़काव शीघ्र करें

रोग :-

1 . फसल बोने के बाद से ही फसल निगरानी करें। यदि संभव हो तो लाइट ट्रेप तथा फेरोमेन टयूब का उपयोग करें।

2 . बीजोपचार आवश्‍यक है। इसके बाद रोग नियंत्रण के लिए फफूँद के आक्रमण से बीज सड़न रोकने हेतु कार्बेन्‍डाजिम 1 ग्राम + 2 ग्राम थीरम के मिश्रण से प्रति किलो ग्राम बीज उपचारित करना चाहिए। थीरम के स्‍थान पर केप्‍टान एवं कार्बेन्‍डाजिम के स्‍थान पर थायोफेनेट मिथाइल का प्रयोग किया जा सकता है।

3 . पत्‍तों पर कई तरह के धब्‍बे वाले फफूंद जनित रोगों को नियंत्रित करने के लिए कार्बेन्‍डाजिम 50 डबलू पी या थायोफेनेट मिथाइल 70 डब्‍लू पी 0.05 से 0.1 प्रतिशत से 1 ग्राम दवा प्रति लीटर पानी का छिड़काव करना चाहिए। पहला छिड़काव 30 -35 दिन की अवस्‍था पर तथा दूसरा छिड़काव 40 – 45 दिन की अवस्‍था पर करना चाहिए।

4 . बैक्‍टीरियल पश्‍चयूल नामक रोग को नियंत्रित करने के लिए स्‍ट्रेप्‍टोसाइक्‍लीन या कासूगामाइसिन की 200 पी.पी.एम. 200 मि.ग्रा; दवा प्रति लीटर पानी के घोल और कापर आक्‍सीक्‍लोराइड 0.2 (2 ग्राम प्रति लीटर) पानी के घोल के मिश्रण का छिड़काव करना चाहिए। इराके लिए 10 लीटर पानी में 1 ग्राम स्‍ट्रेप्‍टोसाइक्‍लीन एवं 20 ग्राम कापर अक्‍सीक्‍लोराइड दवा का घोल बनाकर उपयोग कर सकते हैं।

5 . गेरूआ प्रभावित क्षेत्रों (जैसे बैतूल, छिंदवाडा, सिवनी) में गेरूआ के लिए सहनशील जातियां लगायें तथा रोग के प्रारम्भिक लक्षण दिखते ही 1 मि.ली. प्रति लीटर की दर से हेक्‍साकोनाजोल 5 ई.सी. या प्रोपिकोनाजोल 25 ई.सी. या आक्‍सीकार्बोजिम 10 ग्राम प्रति लीटर की दर से ट्रायएडिमीफान 25 डब्‍लू पी दवा के घोल का छिड़काव करें।

6 . विषाणु जनित पीला मोजेक वायरस रोग व वड व्‍लाइट रोग प्राय: एफ्रिडस सफेद मक्‍खी, थ्रिप्‍स आदि द्वारा फैलते हैं अत: केवल रोग रहित स्‍वस्‍थ बीज का उपयोग करना चाहिए। एवं रोग फैलाने वाले कीड़ों के लिए थायोमेथेक्‍जोन 70 डब्‍लू एव. से 3 ग्राम प्रति किलो ग्राम की दर से उपचारित कर एवं 30 दिनों के अंतराल पर दोहराते रहें। रोगी पौधों को खेत से निकाल देवें। इथोफेनप्राक्‍स 10 ई.सी. 1.0 लीटर प्रति हेक्‍टर थायोमिथेजेम 25 डब्‍लू जी, 1000 ग्राम प्रति हेक्‍टर।

7 . पीला मोजेक प्रभावित क्षेत्रों में रोग के लिए ग्राही फसलों (मूंग, उड़द, बरबटी) की केवल प्रतिरोधी जातियां ही गर्मी के मौसम में लगायें तथा गर्मी की फसलों में सफेद मक्‍खी का नियमित नियंत्रण करें।

8 . नीम की निम्‍बोली का अर्क डिफोलियेटर्स के नियंत्रण के लिए कारगर साबित हुआ है।

फसल कटाई एवं गहराई :- अधिकांश पत्तियों के सूख कर झड़ जाने पर और 10 प्रतिशत फलियों के सूख कर भूरी हो जाने पर फसल की कटाई कर लेना चाहिए। पंजाब 1 पकने के 4 – 5 दिन बाद, जे.एस. 335, जे.एस. 76 – 205 एवं जे.एस. 72 – 44 जे.एस. 75 – 46 आदि सूखने के लगभग 10 दिन बाद चटकने लगती हैं। कटाई के बाद गडढ़ो को 2 – 3 दिन तक सुखाना चाहिए जब कटी फसल अच्‍छी तरह सूख जाये तो गहराई कर दोनों को अलग कर देना चाहिए। फसल गहाई थ्रेसर, ट्रेक्‍टर, बेलों तथा हाथ द्वारा लकड़ी से पीटकर करना चाहिए। जहां तक संभव हो बीज के लिए गहराई लकड़ी से पीट कर करना चाहिए, जिससे अंकुरण प्रभावित न हो।

Soybean (सोयाबीन) Crop Types

JS – 335 Soybean (सोयाबीन)
Crops Season: Kharif Season (Start from July to June) Name of Var
710 soybean (सोयाबीन)
Soybean (Glycine max), otherwise known as a 'miracle crop' with o
NRC 7 Soyabean (एन आर सी ७ )
एन आर सी  ७ Crops Season: Kharif Season (Sta
Soybean JS 9560 (सोयाबीन)
सोयाबीन जेएस 9560 Crops Season: Kharif Sea
R V S 2001-4
सोयाबीन किस्म- (आर. वि.  अ
Soybean - जेएस-2029 (JS-2029)
Crops Season : Kharif Season   Name of Variety : जे
Soybean - जेएस-2034 (JS-2034)
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : जेएस
Soybean - एनआरसी 86 (अहिल्या 6) (NRC 86)
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : एनआर
Soybean - Ahilya-1(NRC 2)
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Ahilya-1 (NR
Soybean - NRC 37 (Ahilya 4)
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : NRC 37 (Ahil
Soybean - Ankur
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Ankur Yield
Soybean - Alankar
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Alankar Yiel
Soybean ADT-1
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : ADT-1 Yield
Soybean - Birsa soy 1
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Birsa soy 1
Soybean - Bragg
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Bragg Yield
Soybean Co-1
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Co-1 Yield :
Soybean - Durga (JS 72-280)
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Durga (JS 72
Soybean - Gaurav (JS 72-44)
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Gaurav (JS 7
Soybean - Ahilya-1 (NRC 2)
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Ahilya-1 (NR
Soybean - Gujarat soybean 2 (J-202)
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Gujarat soyb
Soybean - Hara soym (Himso 1563)
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Hara soy (Hi
Soybean - Hardee
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Hardee Yield
Soybean - Indira soy 9
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Indira soy 9
Soybean - JS 2
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : JS 2 Yield :
Soybean - JS 71-5
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : JS 71-5 Yiel
Soybean - JS 75-46
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : JS 75-46 Yie
Soybean - JS 76-205
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : JS 76-205 Yi
Soybean - JS 79-81
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : JS 79-81 Yie
Soybean - JS 80-21
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : JS 80-21 Yie
Soybean - JS 90-41
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : JS 90-41 Yie
Soybean - JS 93-05
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : JS 93-05 Yie
Soybean - JS 335
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : JS 335 Yield
Soybean - Kalitur
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Kalitur Yiel
Soybean - Sneh(KB 79)
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Sneh(KB 79)
Soybean - KHSb 2
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : KHSb 2 Yield
Soybean - Lee
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Lee Yield :
Soybean - MACS-13
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : MACS-13 Yiel
Soybean - MACS-57
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : MACS-57 Yiel
Soybean - MACS-58
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : MACS-58 Yiel
Soybean - MACS-124
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : MACS-124 Yie
Soybean - MACS-450
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : MACS-450 Yie
Soybean - MAUS 1
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : MAUS 1 Yield
Soybean - Pooja (MAUS 2)
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Pooja (MAUS
Soybean - MAUS 32
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : MAUS 32 Yiel
Soybean - MAUS 47
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : MAUS 47 Yiel
Soybean - MAUS 61
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : MAUS 61 Yiel
Soybean - MAUS 61-2
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : MAUS 61-2 Yi
Soybean - MAUS 71
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : MAUS 71 Yiel
Soybean - Monetta (EC-2587)
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Monetta (EC-
Soybean - PK 262
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : PK 262 Yield
Soybean - PK 308
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : PK 308 Yield
Soybean - PK 327
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : PK 327 Yield
Soybean - PK-416
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : PK-416 Yield
Soybean - PK 471
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : PK 471 Yield
Soybean - PK-472
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : PK-472 Yield
Soybean - PK-564
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : PK-564 Yield
Soybean - Pant Soybean 1024
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Pant Soybean
Soybean - PK 1029
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : PK 1029 Yiel
Soybean -Pant Soybean 1042
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Pant Soybean
Soybean - PS 1092
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Ahilya-1 (NR
Soybean - Punjab 1
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Punjab 1 Yie
Soybean - Pusa-16
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Pusa-16 Yiel
Soybean - Pusa-20
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Pusa-20 Yiel
Soybean - Pusa 22
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Pusa 22 Yiel
Soybean - Pusa-24
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Pusa-24 Yiel
Soybean - Pusa 37
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Pusa 37 Yiel
Soybean - Pusa 40
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Pusa 40 Yiel
Soybean - RAUS 5
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : RAUS 5 Yield
Soybean - Shilajeet
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Shilajeet Yi
Soybean - Shivalik
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Shivalik Yie
Soybean - SL 96
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : SL 96 Yield
Soybean - SL 295
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : SL 295 Yield
Soybean - Type 49
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : Type 49 Yiel
Soybean - VL Soya -1
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : VL Soya -1 Y
Soybean - VL Soya-2
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : VL Soya-2 Yi
Soybean - VL Soya-21
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : VL Soya-21 Y
Soybean - VL Soya –47
Crops Season : Kharif Season  Name of Variety : VL Soya &nda

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